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Kota: झाडू-पोंछे से उतरेगा ‘नशे का नशा’, शराब पीकर उत्पात मचा रहे 9 लोगों को कोटा अदालत ने सुनाई ये सजा

Rajasthan News: 17 अगस्त को इमरान नामक व्यक्ति को शराब के नशे में पकड़ा। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां उसे रामपुरा सेटेलाइट अस्पताल में 25 और 26 अगस्त को साफ-सफाई का कार्य करने की सजा दी गई।

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कोटा

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Akshita Deora

Aug 22, 2025

Court Order

प्रतीकात्मक तस्वीर: ANI

नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत सामुदायिक सेवा का दंड दिलवाने में कोटा ने पहल की। सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर उत्पात मचाने के अलग—अलग मामलों में नौ लोगों को इस तरह की सजा दी गई है। रानपुर थाना पुलिस ने 14 अगस्त को भवाना व अमर सिंह को अलनिया बांध के पास गिरफ्तार किया। गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों युवकों को वृद्धाश्रम में तीन घंटे सफाई की सजा सुनाई।

इसी तरह अनंतपुरा पुलिस ने अंशु शर्मा, प्रशांत सिंह पंवार, अंकित नायक, रमेश और रतन को गिरफ्तार किया। इन्हें भी कोर्ट ने सामुदायिक सेवा की सजा देकर छोड़ दिया। इनको सुभाष नगर स्कूल और डिस्पेंसरी में 22 और 23 अगस्त को साफ सफाई करनी होगी।

इससे पहले 14 अगस्त को मुकेश कुमार निवासी रंगतालाब शराब के नशे में दुर्व्यवहार करता पाया गया। उसे गिरफ्तार कर 18 अगस्त को एसीजेएम क्रम-1 कोटा की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 25 और 26 अगस्त को राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोगरिया में साफ-सफाई और पौधों की देखभाल करने की सजा सुनाई। दूसरा मामला, बोरखेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां 17 अगस्त को इमरान नामक व्यक्ति को शराब के नशे में पकड़ा। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां उसे रामपुरा सेटेलाइट अस्पताल में 25 और 26 अगस्त को साफ-सफाई का कार्य करने की सजा दी गई।

जयपुर प्रदर्शनी में शामिल होंगे ये मामले

सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जल्द जयपुर आएंगे और नए कानूनों की जानकारी के लिए आयोजित प्रदर्शनी में भाग लेंगे। इसके लिए केस जयपुर स्थित डीजीपी कार्यालय को भेज दिए हैं।

इसीलिए ऐसी सजा का प्रावधान

  • पुनर्वास: अपराधियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिलता है।
  • सामाजिक उत्तरदायित्व: अपराधियों में समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है।
  • जेल का विकल्प: यह सजा जेल की तुलना में किफायती है।
  • समुदाय को लाभ: अपराधियों से सफाई, पौधारोपण और सामाजिक सेवाओं जैसे काम कराए जाते हैं।