
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में इस बार 12 से अधिक कवि नहीं होंगे। सिफारिश के आधार पर एक भी कवि का नाम नहीं जोड़ा जाएगा। उधर पशु मेले को लेकर अभी तक आयुक्त व मेला समिति में कोई सहमति नहीं बनी है।
महापौर महेश विजय, उप महापौर सुनीता व्यास, मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा, सदस्य महेश गौतम लल्ली, रमेश चतुर्वेदी, प्रकाश सैनी ने शुक्रवार को मेले की तैयारियों पर चर्चा की।
इसमें मित्रा ने कहा कि अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों की लम्बी सूची होने के कारण नामी कवि काव्यपाठ तक नहीं कर पाते, जबकि लोग बड़े कवियों को सुनने आते हैं। इसलिए इस बार 10 से 12 कवि ही शामिल किए जाएंगे। इसमें दो कवि स्थानीय होंगे। मित्रा ने स्पष्ट कहा कि इससे अधिक कवि किसी भी सूरत में शामिल नहीं किए जाएंगे।
कवियों से सहमति लेने का जिम्मा समिति सदस्य रमेश चतुर्वेदी को दिया गया है। मुशायरे में शायरों के नाम चर्चा कर तय किए जाएंगे। मित्रा ने बताया कि मेला समिति की बैठक 22 अगस्त को रखी गई है। इसमें कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
गणेश उद्यान के पीछे लगेगा पशु मेला
आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि इस बार पशु मेला दशहरा मैदान में नहीं लगेगा। आयुक्त के निर्देश पर निगम ने गणेश उद्यान के पीछे पशु मेले की जगह चिह्नित की है। आयुक्त का कहना है कि पशु मेले में निगम की ओर से सारी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
पशुपालकों को मेले में लाने के लिए निगम की ओर से नि:शुल्क बसों की व्यवस्था करवाई जाएगी। हालांकि सदस्य इस पर सहमत नहीं हैं। सदस्य बकरा मंडी के पास वाली जगह पर पशु मेला लगाने के पक्ष में हैं। अभी तक पशु मेले को लेकर संशय बना हुआ है।
Published on:
20 Aug 2016 01:27 pm
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
