
कोटा संभागीय पर्यटन विकास समिति की बैठक, पत्रिका फोटो
Kota tourism update: कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए नए मार्ग जल्द खुलने वाले हैं। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोटा संभाग पर्यटन की दृष्टि से काफी समृद्ध है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। चम्बल नदी के साथ मुकुंदरा अभयारण्य यहां की खूबसूरती को काफी बढ़ाते हैं।
उन्होंने जिले में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने और यहां के पर्यटन स्थलों की देश-विदेश में मार्केटिंग करने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने बुधवार को सीएडी सभागार में आयोजित संभागीय पर्यटन विकास समिति की बैठक में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को विकसित करने के संबंध में चर्चा की।
बैठक में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए नए मार्ग खोलने पर चर्चा हुई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बफर जोन में अभी पांच रूट ओपन हैं। कोर एरिया में तीन रूट और स्वीकृत हो गए हैं। इससे वहां सफारी के लिए मार्ग बढ़ जाएंगे। वर्तमान में एक सफारी गाड़ी चल रही है। चार और सफारी गाड़ियां रजिस्टर होने के बाद इनकी संख्या पांच हो जाएगी।
बैठक में कोटा जिले में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चम्बल सफारी के लिए नावों की संख्या बढ़ाने और सफारी को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमोट करने पर चर्चा हुई। संभागीय आयुक्त ने चम्बल सफारी के लिए चम्बल गार्डन के पीछे बनी जेट्टी के पास वेटिंग एरिया बनाकर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने जवाहर सागर डेम तक सफारी की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।
सीसीएफ वाइल्ड लाइफ एसआर जाट ने बताया कि बजट में चम्बल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार के लिए 25 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इसके संबंध में शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर भेजे जाएंगे ताकि कोटा संभाग में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। होटल फेडरेशन के कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि अगस्त से शुरू होने वाला अगला पर्यटन सीजन कोटा के लिए अच्छा साबित होगा। ट्यूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों द्वारा 100 से अधिक ट्यूर पैकेज तैयार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चम्बल सफारी, मुकुंदरा अभारण्य, गरड़िया महादेव, अभेड़ा महल, चम्बल रिवर फ्रंट, सेवन वंडर्स आदि पर्यटकों की पसंद बन गए हैं। । झालावाड़ इकाई के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह झाला ने बताया कि गागरोन फोर्ट के रास्ते को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए एवं अतिक्रमण को भी हटाया जाए।
बैठक में बताया गया कि स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा बूंदी जिले के केशवरायपाटन के प्रसिद्ध मंदिर एवं आसपास विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत हुई है। इससे वहां घाट के विकास, टेम्पल रेस्टोरेशन, साइनेज, पार्किंग एवं एंट्री प्लाजा, एंटरप्रिटेशन सेंटर आदि के कार्य कराए जा रहे हैं। संभागीय आयुक्त ने बूंदी बाईपास पर व्यू पॉइन्ट के पास नए अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बूंदी में आरटीडीसी की होटल वृंदावती के नवीनीकरण एवं पर्यटकों के लिए उसे शुरू करने, जैतसागर की सफाई एवं बोटिंग शुरू किए जाने, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने आदि पर चर्चा की।
बैठक में केडीए आयुक्त ममता तिवारी, डीएफओ बारां विवेकानंद, शाहबाद एडीएम जबर सिंह, एसीएफ मुकुंदरा मयंक महरिया, उप निदेशक पर्यटन विभाग विकास पंड्या, होटल फेडरेशन कोटा संभाग के महासचिव संदीप पाड़िया, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट झालावाड़ के प्रिंसिपल महेश कुमार बैरवा, पुरातत्व विभाग से हेमेन्द्र के अवस्थी सहित पीडब्ल्यूडी एवं अन्य विभागों के अधिकारी, पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
26 Feb 2026 03:02 am
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