
कोटा . पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को मार्कशीट देने से बचने के लिए वद्र्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) ने संपर्क पोर्टल पर झूठा जवाब दाखिल कर दिया। 20 महीने पहले परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद भी विवि ने झूठा हलफनामा दाखिल कर दिया कि यूजीसी की मंजूरी मिलने के बाद ही परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा।
Read More: Utility News : दिल की उम्र बढ़ाने को हो जाइए तैयार, कोटा में शुरू हो रही 100 km साइकिल रेस
वीएमओयू ने 21 विषयों में पीएचडी कराने के लिए दिसम्बर 2015 में प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। इसे पास करने वाले छात्रों का कोर्स वर्क कराने के बाद 2 अप्रेल 2016 को प्री-पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा आयोजित की गई। वीएमओयू ने 28 अप्रेल 2016 को अपनी वेबसाइट पर परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया। एक ग्रेड हासिल करने वाले 9, बी ग्रेड वाले 15 और सी ग्रेड हासिल करने वाले एक छात्र को सफल घोषित कर उन्हें विवि ने गाइड अलॉट कर शोध कार्य भी शुरू करा दिया, जबकि इससे कम ग्रेड वाले छात्रों को असफल घोषित कर दिया गया।
दाखिल किया झूठा जवाब
तय समय पर जवाब देना तो दूर तीन बार रिमाइंडर मिलने के बाद भी वीएमओयू प्रशासन ने सुगम पोर्टल पर दर्ज शिकायत का निस्तारण नहीं किया। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद आनन-फानन में परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी. अरुण कुमार ने 20 दिसम्बर 2017 को जवाब दाखिल कर दिया। इसमें उन्होंने लिखा है कि यूजीसी से पीएचडी कार्यक्रम प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा, जबकि हकीकत यह है कि वीएमओयू की वेबसाइट पर विवि प्रशासन इस परीक्षा का परिणाम 20 महीने पहले ही घोषित कर चुका है।
Read More: Breaking News: यहां मौत की गोद में बैठें हैं हजारों कोचिंग स्टूडेंट्स
बेहद जरूरी हैं दोनों दस्तावेज
यूजीसी पीएचडी रेग्यूलेशन 2009 के मुताबिक जब तक छात्रों को कोर्स वर्क की मार्कशीट और प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक उनकी पीएचडी को वैध नहीं माना जा सकता। शोधार्थियों को किसी भी वर्कशॉप और सेमिनार में शामिल होने के लिए पीएचडी रजिस्ट्रेशन के तौर पर भी यही दोनों दस्तावेज दिखाने होते हैं। दोनों दस्तावेजों के बिना शोधार्थियों को सरकार की ओर कोई भी रिसर्च फैलोशिप नहीं दी जा सकती।
मार्कशीट को लेकर छिड़ा विवाद
कोर्स वर्क एग्जाम में असफल छात्रों ने जब परीक्षा की अंकतालिका और प्रमाण पत्र मांगा तो विवि प्रशासन ने उन्हें टाल दिया। छात्रों ने 16 अक्टूबर 2017 को सुगम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा कर सरकार से मांग की कि वह वीएमओयू से पीएचडी कोर्स वर्क की मार्कशीट और सर्टिफिकेट दिलवाए, लेकिन विवि प्रशासन ने कुछ नहीं किया।
वीएमओयू परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी. अरुण कुमार ने बताया कि पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा 2015 का परिणाम अभी तक घोषित नहीं हुआ है। इसलिए छात्रों को मार्कशीट और प्रमाण पत्र नहीं दे सकते। वेबसाइट पर रिजल्ट अपलोड करने की मुझे जानकारी नहीं है।
Published on:
13 Jan 2018 09:40 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
