
कोटा . अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर में कोटा का योगदान भी नजर आएगा। बड़ा भक्तमाल पीठ अयोध्या के पीठाधीश व रामधाम आश्रम सेवा ट्रस्ट कोटा के संत अवधेशकुमाराचार्य ने शुक्रवार को कोटा प्रवास के दौरान पत्रिका को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आगामी नवम्बर में शुरू किया जाना था, लेकिन अब इसका निर्माण चैत्र नवरात्र में प्रारंभ किए जाने की संभावना है।
इस मंदिर का सिंहद्वार रामधाम व बड़ा भक्तमाल पीठ अयोध्या के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से स्वीकृति मिल गई है। संत अवधेशकुमाराचार्य ने बताया कि सिंहद्वार के निर्माण पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह 80 फुट चौड़ा व 60 फीट ऊंचा होगा। मंदिर में होने वाली अष्टयाम सेवा व कार्यक्रमों का द्वार पर ही श्रद्धालुओं को पता चल जाएगा। मंदिर का निर्माण 67 हैक्टेयर जमीन में होगा। अभी और जमीन लेने के प्रयास चल रहे हैं।
रामानंदाचार्य जयंती मनाई, निकाली शोभायात्रा
श्री रामधाम आश्रम सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में रामानंदाचार्य भगवान की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर शोभायात्रा निकाली गई। यह रामानंदाचार्य के पूजन के बाद दादाबाड़ी स्थित धोकड़े वाले हनुमान मंदिर से शुरू हुई। रामधाम के संस्थापक अवधेशकुमाराचार्य ने शोभायात्रा को रवाना किया। गोदावरी धाम के व्यवस्थापक शैलेन्द्र भार्गव भी मौजूद रहे। घुड़सवार, बग्घियों में संत, भगवान रामानंदाचार्य की झांकी ने भक्ति भाव से ओतप्रोत किया। महाकालेश्वर, गोदावरी धाम अखाड़े के उस्ताद सुरेन्द्र पाराशर एवं अमृत गुर्जर तथा सियाराम नागर के निर्देशन में अखाड़े के युवा अखाड़ेबाजों ने तलवारबाजी एवं चकरी के एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए। प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा रामधाम पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। इसमें पुष्कर के दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वयं भगवान राम के अवतार थे। उ
न्होंने सनातन धर्म और हिन्दुत्व की रक्षा की। रामधाम आश्रम के संस्थापक एवं बड़ा भक्तमाल अवधेशाचार्य ने कहा कि रामानंदाचार्यजी मध्य युग के महान आचार्य थे। उन्होंने संतों को एक कर हिन्दुत्व समाज का एकीकरण कर एकात्मता का संदेश दिया।
महंत मंझले मुरारी बापू ने कहा कि रामानंदाचार्य ने भेदभाव से रहित समाज का निर्माण किया। महंत महेन्द्रदास ने कहा कि भगवान रामानंदाचार्य का कभी भी ऋण नहीं चुकाया नहीं जा सकता। संत लक्ष्मणदास ने भी संबोधित किया। मंच संचालन आचार्य आनंद ने किया। धर्मसभा के दौरान मुख्य रूप से ट्रस्ट के अध्यक्ष श्यामसुंदर अरोड़ा, पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, दुष्यन्त कुमार, कोषाध्यक्ष रमेशचंद गुप्ता, जीतू भाई पटेल, पंडित अनिल औदिच्य आचार्य निधिनाथ समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
Updated on:
18 Jan 2020 05:51 pm
Published on:
18 Jan 2020 05:50 pm
