
हाड़ौती में नंदोत्सव की धूम, पालना में झुले नंद गोपाल...
कृष्ण जन्मोत्सव के बाद बुधवार को भी कृष्ण जन्मोत्व की खुशियों का मंगल बरसता रहा। नंद के घर ही नहीं पूरे हाड़ौती में जमकर आनंद बरसा। सुबह होते ही भक्त अपने प्रभु को पालना में झुलाने के लिए उमड़ पड़े। मंदिरों में ही नहीं घरों पर भी नंद गोपाल का पालना उत्सव धूम धाम से मनाया गया।
बाल रूप ने मोहा मन
कोटा में बुधवार को मंदिरों में पलना महोत्सव मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप को पलने में झुलाया। कहीं सोने तो कहीं चांदी के तो कहीं अन्य सजीली वस्तुओं से बने पालनों का भक्तों ने इंतजाम किया था। जिनमें भगवान के बाल रूप को लिटाकर उन्हें झुलाया गया। भगवान के इस मनोहारी रुप के दर्शन करने के लिए पूरा हाड़ौती मंदिरों में उमड़ पड़ा। कोटा के नंदग्राम पाटनपोल स्थित मथुराधीश जी के मंदिर में सोने के पलने में भगवान के दर्शन करवाए गए। बृजनाथ जी के मंदिर में भगवान ने बंगले में दर्शन दिए। चारभुजाजी, गोविंद देवजी, बांके बिहारी, जगदीश जी व शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित अन्य मंदिरों में भी यही सिलसिला चलता रहा।
हाड़ौती में नंदोत्सव की धूम
कोटा की तरह ही हाड़ौती के बारां, बूंदी और झालावाड़ में भी बुधवार की सुबह धूम धाम से नंदोत्सव मनाया गया। यहां भी भगवान के दर्शन को श्रद्धालुओं का सौलाब उमड़ा। भजन कीर्तन भी हुए। कई जगहों पर कृष्ण के रूप में सजे धजे बच्चों ने श्रद्धालुओं के मन को मोह लिया। मंदिरों के अलावा घरों में भी बाल गोपालों ने झांकियां सजाई। इससे पूर्व शहरों व कस्बों में मंगल की रात कृष्ण के जन्म का उल्लास छाया। देर रात तक गांव कस्बों की गलियों व सड़कों पर कृष्ण जन्माष्टमी की रौनक नजर आई।
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रात भर छाया रहा उल्लास
कोटा सहित पूरा हाड़ौती श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की रंग में रंगा नजर आया। जहां नजर दौड़ाओं वहां श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास अपने चरम पर था। पाटनपोल स्थित नंदग्राम में भी श्रद्धालुओं ने पूरे हर्षोंल्लास के साथ इस पर्व को मनाया। भगवान की विभिन्न लीलाओं को संजोती झांकियों से महौत्सव की शुआत हुई। पंचामृत, मिष्ठान, पंजीरी, फ ल और मेवे का भोग लगाया। भजन कीर्तन कर श्रद्धालुओं ने पूरी रात अपने आराध्य के आगमन पर खुशियां मनाईं। जन्म के बाद पहली सुबह पालना उत्सव मनाया गया। उत्सव के बाद अब सारे दिन कृष्ण भक्ति की बयार बहती रही। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद शालिग्राम का पंचामृत स्नान कराया गया।
Published on:
16 Aug 2017 02:02 pm
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