
कोटा. कोटा की एक स्टोन फैक्ट्री में 10 हजार रुपए मासिक कमाने वाले मजदूर की आईडी से लखनऊ के दो लोगों ने फर्जी कंपनी बना ली और माल बेचते रहे। मजदूर के मोबाइल पर जीएसटी का मैसेज आया, जिसे उसने सीए को दिखाया तो पता चला कि मजदूर के आधारकार्ड व पैनकार्ड से लखनऊ में एक फर्म ने जीएसटी नंबर ले रखा है। फर्म ने सात माह में करीब 34 करोड़ का कारोबार किया और करीब 6 करोड़ रुपए जीएसटी बकाया है।
जगपुरा स्थित शांतिनगर निवासी महावीर मेघवाल (34) की आईडी से 21 फरवरी 2022 को लखनऊ की मेघवाल ट्रेडर्स फर्म ने जीएसटी नंबर लिया। कंपनी का संचालन विकास बोहत व समीक्षा तिवारी कर रहे हैं। दोनों ने अप्रेल 2022 से अक्टूबर 2022 तक तक 33 करोड़ 94 लाख 59 हजार 403 रुपए का कारोबार किया।
इस पर 18 प्रतिशत की दर से 6 करोड़ रुपए टैक्स बनता है, जो जमा नहीं किया गया। धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित महावीर ने पुलिस और आयकर विभाग को शिकायत दी है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Published on:
24 Apr 2023 04:27 pm
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