
tiddi attack in ajmer
कोटा. कोटा जिले को टिड्डी आक्रमण के खतरे से प्रभावित जिला घोषित किया गया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ओम कसेरा ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना 31 जनवरी, 2021 तक प्रभावी होगी। अधिसूचना के अनुसार कोटा जिले को राजस्थान एग्रीकल्चर पेस्ट एंड डिजीज एक्ट,1951 के अन्तर्गत टिड्डी आक्रमण के खतरे वाला जिला घोषित किया गया है। इस एक्ट के दायरे में जिले में टिड्डी रोकथाम एवं नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।
कृषि उपनिदेशक राम निवास पालीवाल ने बताया कि जिले में पिछले कुछ दिनों से समीपवर्ती जिलों से टिड्डी दल का आगमन हो रहा है और आगे भी टिड्डी दल के आगमन की आशंका बनी हुई है। उन्होंने किसानों से टिड्डी आने से पहले कुछ तैयारियां करके रखने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया है कि किसान अपने खेत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर छोटी-छोटी कचरे की ढेरियां बनाकर रखें ताकि टिड्डी आने पर इन ढेरियों को जलाकर धुंआ किया जा सके। किसान अपने पास कुछ मात्रा में कीटनाशक जैसे फेनवलरेट 0.4 प्रतिशत डीपी और क्विनालफॉस 1.5 प्रतिशत डीपी रखें जिसका टिड्डी आने पर खेत में फसल पर भुरकाव किया जा सके। गांव में उपलब्ध सभी टे्रक्टर माउंटेड स्प्रेयर और पानी का टैंकर इस प्रकार से तैयार रखें की टिड्डी दल आने पर तत्काल प्रभाव से उनसे काम लिया जा सके।
प्रशासन को तत्काल देनी होगी सूचना
कृषि उपनिदेशक ने कहा कि टिड्डी दल आते ही तत्काल प्रभाव से स्थानीय प्रशासन एवं कृषि विभाग को इसकी सूचना दें। जहां भी रात को टिड्डी दल का पड़ाव होता है, उसकी सूचना स्थानीय प्रशासन एवं कृषि विभाग को दें। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा कीटनाशक शत-प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
Published on:
24 May 2020 06:08 am
