
कोटा। कोटा जिले में बुधवार को टिड्डी दल (Locust Attack in rajasthan ) का अब तक सबसे बड़ा हमला हुआ है। रावतभाटा के जंगलों की तरफ से तीन अलग-अलग झुण्ड़ आए। देर रात दीगोद, मण्डाना और सांगोद के अमृतकुआं क्षेत्र में डेरा डाल दिया। सबसे बड़ा झुण्ड दीगोद में छह किमी लम्बा और तीन किमी चौड़ा है। टिड्डी हमले से गांवों में हाहाकार मच गया है। देर रात संभागीय आयुक्त के.सी. मीणा ने आपात बैठक बुलाकर नियंत्रण के संबंध में दिशा निर्देश दिए। कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमें देर रात नियंत्रण के लिए रवाना हो गई।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामावतार शर्मा ने बताया कि कुल 18 किलोमीटर में टिड्डी दल फैला हुआ है। जिसकी संख्या 70 से 72 करोड़ के आसपास है। रात 9 बजे डेरा डालने के बाद इसके खात्मे की रणनीति बनाई गई है। दीगोद की टीम का नेतृत्व खुद संयुक्त निदेशक करेंगे वहीं मण्डाना में नियंत्रण कार्य सीएडी कृषि खण्ड के परियोजना निदेशक बलवंतसिंह व विस्तार अधिकारी भगवानसिंह करेंगे। संबंधित तहसीदार व प्रशासनिक टीम साथ रहेगी।
धान, मंूग की फ सल को नुकसान
कैथून क्षेत्र के रेलगांव, चारचौमा, भाण्डाहेड़ा, राजपुरा, टहला, सुहाना आदि गावों में टिड्डी दल ने हमला किया। धान की पौध और मूंग के खेतों में देर रात डेरा डाला और देखते ही देखते चट कर गई। दीगोद में बगीचों का नुकसान पहुंचाया है।
यह है दल
लाडपुरा तहसील में मंडाना, जोधपुराव, मांदलिया गांवों में लगभग 5 गुणा 3 किलोमीटर साइज तथा दीगोद तहसील के - कंवरपुरा, बदासलिया, पोलकला व भण्डाहेड़ा क्षेत्र में करीब पांच किमी लम्बा और तीन किमी चौड़ाई का दल है।
सांगोद तहसील के अमृतकुआ ग्राम पंचायत के बम्बूलिया कला, बरखेड़ी, गुरायता में लगभग डेढ़ किमी लम्बा व एक किमी चौड़ाई वाला झुण्ड है।
Published on:
18 Jun 2020 12:05 am
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