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कोटा . राज्य सरकार सरकारी व निजी स्कूलों के बाद अब मदरसों को भी ऑनलाइन करने जा रही है। इससे गैर पंजीकृत मदरसों पर लगाम लगेगी। सरकार ने डाइट के माध्यम से मदरसों को ऑनलाइन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तकनीक उपयोग से ही व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाई जा सकती है। इस सिद्धान्त का अनुसरण करते हुए सरकार विशेष पोर्टल के माध्यम से मदरसों को एकीकृत पटल पर लाने के लिए प्रयास कर रही है। प्राइवेट स्कूल पोर्टल ( पीएसपी) पर पंजीकरण से सारा सिस्टम पारदर्शी हो जाएगा।
डाटा करना होगा अपलोड
पोर्टल पर पंजीकरण के बाद संचालकों को मदरसे का पूरा डाटा अपलोड करना होगा। इसमें पैराटीचर्स, बच्चों की संख्या, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पोषाहार की जानकारी देनी होगी। अनुदानित मदरसों के शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के माध्यम से ही होगी। अल्पसंख्यक बच्चों को छात्रवृत्ति भी ऑनलाइन प्रदान की जाएगी। इससे कार्यों में पारदर्शिता व विश्वसनीयता लाई जा सकेगी।
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डीईओ से मिलेगा पासवर्ड
प्रदेश में तीन हजार से अधिक मदरसे संचालित हैं। कोटा जिले में करीब 143 मदरसे चल रहे हैं। इन सभी को पीएसपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा। उसी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से उन्हें पीएसपी पासवर्ड जारी होगा। उसके बाद ही ये मदरसे चल सकेंगे।
मदरसों को पीएसपी पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। उन्हें मदरसे बोर्ड का रजिस्ट्रेशन की प्रति व लेटर हैड पर डाइस कोड लेकर आना होगा, तब पीएसपी जारी करेंगे।
ध्वज शर्मा, पीएसपी पोर्टल प्रभारी, शिक्षा विभाग कोटा
Published on:
25 Jan 2018 07:11 pm
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