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कोटा में मौत के साये में जीने को मजबूर लोग

हादसों को न्योता देते घरों के बाहर झूलते तारमहावीर नगर क्षेत्र में भी बिजली कम्पनी का नहीं ध्यान

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कोटा में मौत के साये में जीने को मजबूर लोग

कोटा . विद्युत तंत्र को ठीक कर सुरक्षा का पक्का वादा करने वाली केईडीएल कम्पनी अभी तक भी कई इलाकों की विद्युत व्यवस्था तक नहीं सुधार पाई है। घरों के आगे से निकल रहे बिजली के तार हादसों को निमंत्रण देते नजर आते हैं।

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इन झूलते तारों के कारण कई हादसे तक हो गए हैं, लेकिन कंपनी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही। यहां खुले पड़े बिजली के तार जोर का झटका दे रहे हैं। 17 मई को महावीर नगर द्वितीय निवासी अंकित गुप्ता की शादी में आया शोर्य (9) घर के आगे से गुजर रही 11 केवी की लाइन की चपेट में आ गया।

इससे वह करीब 30 प्रतिशत झुलस गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शोर्य मामा अंकित के घर की छत पर लोहे के पाइप से खेल रहा था इस दौरान बिजली के तार के नजदीक चला गया और करंट से झुलस गया। अब परिजन इस लापरवाही के लिए कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
आधा दर्जन से अधिक हुए हादसेमहावीर नगर द्वितीय निवासी सिंचाई विभाग से सेवानिवृत अधीशासी अभियंता कन्हैया लाल गुप्ता ने बताया कि बी सेक्टर में अब तक आधा दर्जन से अधिक हादसे हो गए हैं।

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हर बार विभाग को लिखित सूचना दी की इन तारों को या तो हटाया जाए या प्लास्टिक कोटेड वायर डाले जाएं। यहां हरीश गुप्ता व सुरेश गुर्जर के घर भी हादसा हो चुका। गुप्ता के यहां कार्य करने वाला एक मजदूर बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गया और उसके दोनो पैर काटने पड़े। वहीं कोचिंग में पढऩे वाला एक बच्चा तार छू जाने से कई वर्ष पहले मौत का शिकार हो गया। इसके साथ ही यहां आस-पास रहने वालें भी इन तारों के सम्पर्क में आ गए, लेकिन उनकी जान बच गई।

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यहां बालकनी में ले लिया विद्युत पोल
महावीर नगर क्षेत्र में राम आसरे शर्मा के घर की बालकनी में से एक विद्युत पोल निकला हुआ है, जो घर के अंदर है। बरसात में यदि करंट आया तो इस परिवार का हश्र होगा, इसका अंदाजा पोल को देखकर लगाया जा सकता है। इसकी शिकायत करीब पांच साल से की जा रही है, लेकिन सुनवाई के नाम पर केवल आश्वासन दिया जा रहा है। मकान बेचने की कोशिश करते हैं तो घर के अंदर पोल देखकर कोई नहीं लेता।


कुछ दिन में बदल देंगे
वहां प्लास्टिक कोटेड वायर डालने का कार्य किया जाएगा। कुछ दिन में तार बदल देंगे। विद्युत पोल बालकनी में होने की शिकायत आएगी तो दिखवाएंगे।
-अंजन मित्रा, केईडीएल हेड कोटा