1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

9 साल बाद भी अधर में पैरामेडिकल भर्ती: न सेवा नियम बने और न खुली भर्ती

प्रदेश में 9 साल बाद भी पैरामेडिकल भर्ती अधर में अटकी हुई है। राज्य सरकार ने 2015 में राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल का गठन किया। उसमें 14 कोर्स संचालित किए जा रहे है। सरकार ने कॉलेजों में कोर्स तो खोल दिए, लेकिन कैडर के लिए सेवा नियम नहीं बनाए। इसके चलते 9 साल बाद भी भर्ती की राह नहीं खुल सकी। विडंबना यह है कि प्रदेश में 2 हजार अभ्यर्थी अब तक पासआउट होकर बेरोजगार घूम रहे है। जबकि वर्तमान में करीब 4 हजार स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे है।

less than 1 minute read
Google source verification

कोटा

image

Abhishek Gupta

Feb 06, 2024

9 साल बाद भी अधर में पैरामेडिकल भर्ती: न सेवा नियम बने और न खुली भर्ती

9 साल बाद भी अधर में पैरामेडिकल भर्ती: न सेवा नियम बने और न खुली भर्ती

अभिषेक गुप्ता
कोटा. प्रदेश में 9 साल बाद भी पैरामेडिकल भर्ती अधर में अटकी हुई है। राज्य सरकार ने 2015 में राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल का गठन किया। उसमें 14 कोर्स संचालित किए जा रहे है। सरकार ने कॉलेजों में कोर्स तो खोल दिए, लेकिन कैडर के लिए सेवा नियम नहीं बनाए। इसके चलते 9 साल बाद भी भर्ती की राह नहीं खुल सकी। विडंबना यह है कि प्रदेश में 2 हजार अभ्यर्थी अब तक पासआउट होकर बेरोजगार घूम रहे है। जबकि वर्तमान में करीब 4 हजार स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे है। ऐसे में यदि भर्ती की राह नहीं खुली तो बेरोजगारी की संख्या हर साल लगातार बढ़ती जाएगी।

यह कोर्स हो रहे संचालित

ऑपरेशन थिएटर, तकनीशियन, ब्लड बैंक तकनीशियन, डायलिसिस, इमरजेंसी ट्रोमा, कैथ लैब आदि कोर्स करने के बाद हजार विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन लेकर बेरोजगार घूम रहे है। युवा काफी परेशान है। जबकि यह युवा ऑपरेशन थियेटर, ब्लड बैंक टेक्नीशियन जैसे कोर्स पर लाखों रुपए खर्च कर चुके है, लेकिन सेवा नियम नहीं बनने से सरकारी नौकरी का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।


कोर्स तो चला दिए, लेकिन सेवा नियम नहीं बनाए

राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिंल का गठन कर 14 कोर्स तो संचालित कर दिए, लेकिन विडम्बना है कि सरकार ने 9 साल बाद भी सेवा नियम नहीं बनाए। जिससे हजारों युवा बेरोजगार घूम रहे है। सेवा नियम बनने से सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित टेक्नीशियन मिलेंगे और बेरोजगार युवाओं को नौकरियां मिल पाएगी, बल्कि अस्पतालों में मरीजों को अच्छा उपचार मिल पाएगा। सेवा नियम बनाने के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर चुके है। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जयपुर में सोमवार को स्वास्थ्य भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया, लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़ दिया।
- देवेन्द्र सिंह, अध्यक्ष, राजस्थान पैरामेडिकल एसोसिएशन