
कोटा. कोटा जिले के खैराबाद में 28 जनवरी से 4 फरवरी तक श्रीफलौदी कुम्भ मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें आस्था व श्रद्धा का संगम देखने को मिलेगा। मेले में देश-विदेश के 1 लाख से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे।
पिछले 228 वर्षों से सिंहस्थ के बाद पहली बंसत पंचमी पर भरने वाले इस पांचवें कुम्भ मेले का ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व है। इसे लेकर घर-घर में उत्साह-उमंग है।
मेले के उद्घाटन के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
देश में अखिल भारतीय मेड़तवाल (वैश्य) समाज की कुलदेवी श्रीफ लौदी माताजी का एकमात्र प्राचीनतम सिद्धपीठ मंदिर खैराबाद में है। इसलिए यहां मेला भरता है।
खास बात यह है कि पहली बार लगभग 2000 अस्थायी टेंटों में 3 से 4 पीढिय़ों के सदस्य 'संयुक्त परिवारÓ के रूप में एक साथ रहेंगे। छह माह से इसकी तैयारियां चल रही हैं।
तीन किमी में बसा श्रीफलौदी नगर
मेला संयोजक मोहनलाल चौधरी ने बताया कि 350 बीघा कृषि भूमि में यहां 400 वर्गफ ीट साइज के आवासीय टेंट होंगे, जिसमें शौचालय, बाथरूम व रसोईघर भी होंगे।
8 दिन तक करीब 1 लाख श्रद्धालु यहां संयुक्त परिवार के रूप में ठहरेंगे। 3 किमी क्षेत्र में फैले श्रीफ लौदी नगर में 80 फ ीट चौड़े मुख्य मार्ग बनाए गए हैं। प्रत्येक टेंट के बाहर 2 कार, एक बाइक पार्क की जा सकेगी।
भारी वाहनों के लिए पार्र्किंग व्यवस्था रहेगी। चारों ओर सुरक्षा के लिए साढ़े सात फ ीट ऊंची टीनशेड की चारदीवारी बनाई गई है। राष्ट्रीय महामंत्री गोपालचंद्र गुप्ता ने बताया कि मेला परिसर 4 जोन के 8 सेक्टर में बनाया गया है।
इसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित 14 राज्यों से आए श्रद्धालु ठहरेंगे। मेले में कवि सम्मेलन होगा। गिरिराज मित्र मंडल की ओर से 31 जनवरी को भजन संध्या होगी।
3 फरवरी को परिचय सम्मेलन व 4 फरवरी को विराट सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। स्वैच्छिक रक्तदान के लिए विशाल शिविर आयोजित होगा।
महिला जन-जागरण मंच की प्रभारी अंजना गुप्ता ने बताया कि मेले में महिलाओं के लिए प्रतिदिन 'हमारी संस्कृति-हमारे गीतÓ, वाद-विवाद व भाषण प्रतियोगिता, गरबा उत्सव, रंगोली, मांडना, यलो क्वीन आदि रोचक प्रतियोगिताएं होंगी।

Published on:
07 Jan 2017 11:46 pm
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