संघर्ष जितना लंबा होगा, सफलता उतनी ही शानदार होगी, इसलिए जीवन में कभी भी संघर्ष से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए बल्कि डटकर सामना करना चाहिए। इंजीनियर-डॉक्टर बनना प्रोडक्ट है लेकिन उससे भी ज्यादा जरुरी है अच्छा इंसान बनना। युग कवि एवं देश के विख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने यह बात शनिवार को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कही। एलन के जवाहर नगर स्थित समुन्नत कैम्पस के समरस सभागार में यह कार्यक्रम हुआ।
अपने संबोधन से पहले कुमार विश्वास ने एलन में अध्ययनरत शहीद परिवारों के बच्चों एवं कोरोना में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों से बातचीत की। उन्होनें स्वयं के जीवन के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को जीवन में संघर्ष करने और समस्याओं व चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ.गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी एवं डॉ.बृजेश माहेश्वरी ने डॉ. विश्वास का माला पहनाकर एवं उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में एलन परिवार की ओर से कुमार विश्वास द्वारा संचालित एनजीओ के लिए दो लाख रूपए का चेक भेंट स्वरूप दिया गया।
यह भी पढ़े:https://www.patrika.com/kota-news/dharma-karma-12-year-old-boy-will-take-initiation-7822943/
कोई भी लक्ष्य आपके जीवन से बड़ा नहींडॉ. विश्वास ने विद्यार्थियों से संवाद में कहा कि कोई भी लक्ष्य आपके जीवन से बड़ा नहीं है। सबसे बड़ी आपकी जिन्दगी है। आज डॉ. अब्दुल कलाम साहब का दिन भी है। वो भी एनडीए में चयनित नहीं हुए थे। मानसिक शांति की खोज में वे स्वामी शिवानंद के आश्रम पहुंचे। कलाम साहब ने स्वामीजी को अपने नहीं चुने जाने की असफलता के विषय में बताया तो वे बोले ‘अपनी दिव्य दर्जा पर विश्वास रखो और अपनी नियति को स्वीकार कर इस असफलता को भूल जाओ। नियति को तुम्हारा पायलट बनना मंजूर नहीं था। अपने लिए सही लक्ष्य की तलाश करो’। इसके बाद कलाम साहब ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज पूरे विश्व में उन्हें मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता है। दुनिया परीक्षाओं के बोझ से नहीं, प्रतिभाओं की सोच से गढ़ी जाती है। आप लोग टेक्नोक्रेट बनें, उस पर एलन मेहनत करे लेकिन आप अच्छे इंसान बनें, इसके लिए मैं मेहनत करूंगा।
यह भी पढ़े: https://www.patrika.com/kota-news/coaching-student-jumped-from-ninth-floor-in-kota-7822877/
सोशल मीडिया का उपवास करो
इंजीनियर और डॉक्टर नहीं, अच्छा इंसान बनना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपके साथ कमरे में रह रहे दो अन्य सहपाठी आपसे खुश नहीं है तो आपके आईआईटीयन होने का कोई अर्थ नहीं है। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का उपवास करना चाहिए। जीवन में कभी भी अंधेरा घिरे तो खुद से बात करना। हिम्मत का सागर लांघो तो लहर-लहर जयकारा होगा, दिल टूटे या एटम टूटे, दुनिया में उजियारा होगा।