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कोटा यूनिवर्सिटी के अफसरों का एक और कारनामा, करने जा रहे करोड़ों का नुकसान

कोटा विश्वविद्यालय प्री-बीएसटीसी प्रवेश परीक्षा लौटाता है तो उसे करोड़ों का नुकसान होगा। बोम पदाधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के फैसले का विरोध किया।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 24 Jan 2018, 11:29 AM IST

kota univarsity

कोटा . कोटा विश्वविद्यालय प्री-बीएसटीसी प्रवेश परीक्षा लौटाता है तो उसे करीब साढ़े चार करोड़ का नुकसान होगा। इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन प्रदेश के किसी और विश्वविद्यालय से कराने के कोटा विश्वविद्यालय के अधिकारियों के फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। बोम पदाधिकारियों ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी करार दिया।

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पीटीईटी से हुई थी 7.5 करोड़ की आय
राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में कोटा विश्वविद्यालय को पहली बार पीटीईटी प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। परीक्षा आयोजन के बाद विश्वविद्यालय को 7.5 करोड़ से ज्यादा का फायदा हुआ। 90 हजार से ज्यादा सीटों के लिए करीब ढ़ाई लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। छात्रों की बड़ी संख्या और स्टाफ की कमी के चलते विवि प्रशासन समय से दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका। विवि के विरोध में छात्र और कॉलेज प्रबंधक कोर्ट भी चले गए। नतीजा ये कि सरकार ने अगले साल पीटीईटी जिम्मा एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर को सौंप दिया और कोटा विवि को इस आय से वंचित होना पड़ा।

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2017 में 4.25 करोड़ की हुई थी आय
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में कोटा विवि को प्री-बीएसटीसी की जिम्मेदारी सौंपी थी। साढ़े 18 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए हुई इस परीक्षा के आयोजन पर आए खर्च के बाद 8.50 करोड़ बचे थे। आधा हिस्सा सरकार को देने के बाद भी विवि को करीब 4.25 करोड़ की आय हुई। सारा काम भी समय से निपट गया था।

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होगा बड़ा घाटा
अब प्री-बीएसटीसी-2018 के आयोजन से विवि अधिकारी और शिक्षक पीछे हट रहे। विवि प्रशासन ने सरकार से परीक्षा का आयोजन अन्य विवि से कराने का आग्रह किया है। यदि सरकार किसी और को यह जिम्मेदारी देती है तो कोटा विवि को करीब 4.50 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।


मनमानी नहीं चलने देंगे
कोटा विश्वविद्यालय के बोम सदस्य विधायक संदीप शर्मा ने बताया कि अधिकारियों को मनमाने फैसले करने का कोई हक नहीं है। विवि के पास आय के श्रोत बेहद सीमित हैं, इसलिए 4.50 करोड़ रुपए की आय मायने रखती है। विवि अधिकारियों के फैसले का विरोध करते हैं और सरकार से मांग करेंगे कि प्री-बीएसटीसी के आयोजन की जिम्मेदारी वापस न ली जाए।