2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा का केन्द्रीय कारागृह : भविष्य संवारने की राह में कैदियों की परीक्षा

परीक्षाओं के दौरान बंदियों के चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक नजर आई। 3 दिन लगातार तीन घंटे हुई परीक्षा में कुल 147 बंदियों ने प्रश्न पत्र हल किए।

2 min read
Google source verification
कोटा का केन्द्रीय कारागृह : भविष्य संवारने की राह में कैदियों की परीक्षा

परीक्षा में 147 बंदियों ने प्रश्न पत्र हल किए

कोटा. अपने नवाचारों एवं बंदी सुधारों की दिशा में किए कार्यों के लिए केन्द्रीय कारागृह कोटा जाना जाता है। इस बार भी कोटा कारागृह में बरसाती पानी टपकने व भरने के बावजूद केदियों ने इग्नू की परीक्षा की तैयारी जारी रखी। यहीं नहीं लगातार तीन दिन तक तीन घंटे प्रतिदिन हुई परीक्षा में 147 बंदियों ने भविष्य संवारने के लिए प्रश्न पत्र हल किए।

कारागृह अधीक्षक सुमन मालीवाल ने बताया कि अगस्त व सितम्बर में आयोजित होने वाली सत्रांत परीक्षा जून 2021 के लिए कारागृह के 118 बंदियों ने इग्नू के कोर्स सॢटफिकेट इन फूड एंड न्यूट्रिशियन में प्रवेश लिया था। बंदियों के इस विषय की 10 अगस्त को अंतिम परीक्षा थी, लेकिन उनके लिए यह परीक्षा देना मुश्किल था। बारिश के कारण कोटा जेल भी अधिकतर बैरिकों में छत से पानी टपकने लग गया। कुछ बैरिको में तो पानी भर गया। ऐसी परिस्थितियों में भी कारागृह प्रशासन ने बंदियों की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। बंदियों को अन्य बैरिकों में शिफ्ट कर उनकी परीक्षा की तैयारी करवाई। नतीजतन परीक्षाओं के दौरान बंदियों के चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक नजर आई। 3 दिन लगातार तीन घंटे हुई परीक्षा में कुल 147 बंदियों ने प्रश्न पत्र हल किए।

1027 बंदी संवार चुके भविष्य

सत्र जुलाई-2018 में केन्द्रीय कारागृह कोटा के इंदिरा गांधी खुला मुक्त विश्वविद्यालय विशेष अध्ययन केन्द्र को पुनर्जीवन मिला था। इसके बाद बंदियों की उच्च शिक्षा की राह खुली, जिसके कारण कारागृह में उच्च शिक्षा से बंदियों का जुडऩे का क्रम शुरू हो गया। यह सिलसिला अब तक अनवरत जारी है। सत्र जुलाई 2018 से जनवरी 2021 तक कुल 1027 बंदी इग्नू के विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कार्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपना भविष्य संवार चुके हैं। कारागृह अधीक्षक सुमन मालीवाल ने बताया कि समय-समय पर बंदियों की कक्षाएं ली जाती हैं। वहीं कारागृह के सजायाफ्ता बंदी संदीप तथा सुधीर द्वारा भी बंदियों को इग्नू संबंधी कोर्स करवाया जाता है।