
Private Hospital Fail to Operate, Government doctor done Miracle
कोटा . प्राइवेज अस्पतालों के चिकित्सकों ने एक मरीज के पैर के पंजे के ऑपरेशन में असमर्थता जताकर उसे काटने को कह दिया वहीं सरकारी अस्पताल में उसके पंजे का जटिल ऑपरेशन कर उसे बचा लिया। यहीं नहीं मरीज अब चल-फिर भी रहा है। एक मरीज को प्राइवेट अस्पतालों में पैर काटने के कहा, लेकिन सरकारी अस्पताल ने उसका इलाज कर दिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक ने उसका जटिल ऑपरेशन कर उसके पैर बचा लिया। अब मरीज चलने-फिरने लग गया।
झालावाड़ निवासी पुरुषोत्तम माहेश्वरी (34) एक निजी कम्पनी में मार्केटिंग सेल्सकर्मी है। 26 अक्टूबर को झालावाड़ रेलवे बाइपास पर बाइक स्लिप होने से उसका दांए पैर का पंजा बुरी तरह से जख्मी हो गया। उसका चलना-फिरना बंद हो गया।
पुरुषोत्तम के मामा नयापुरा निवासी किशन माहेश्वरी ने बताया कि पुरुषोत्तम को कोटा व जयपुर तक के निजी अस्पतालों में दिखाया, लेकिन सभी जगह ऑपरेशन में असमर्थता जता उसका पंजा ही काटने के लिए कह दिया। बाद में उसने कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन डॉ. निर्मल गुप्ता को दिखाया। अस्पताल में उसे 1 नवम्बर को भर्ती कर इलाज शुरू किया। डॉ. गुप्ता ने उसके पंजे का दो बार जटिल ऑपरेशन किया।
वहीं डॉ. गुप्ता ने बताया कि मरीज के दोनों ऑपरेशन एक से डेढ़ घंटे तक चले। उसके पंजे की प्लास्टिक सर्जरी की गई है। पुरुषोत्तम के पैर में ब्लड सर्कुलेशन बंद हो गया था, जिसे चालू किया गया। एक माह भर्ती करने के बाद उसे 4 दिसम्बर को छुट्टी दे दी। अभी प्लास्टर बंधा है तथा वह चल-फिर पा रहा है।
Updated on:
14 Jan 2018 10:46 pm
Published on:
14 Jan 2018 10:40 pm
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