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बैकफुट पर आई सरकार, निजी कंपनियों को अब नहीं सौंपेगी विद्युत वितरण

विद्युत वितरण के निजीकरण में जुटी राजस्थान सरकार अब बैकफुट पर आ गई है। कोटा और भरतपुर में लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद सरकार अब प्रदेश के अन्य शहरों की बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनी के हाथों में नहीं सौंपेगी। जयपुर डिस्कॉम के एमडी आरजी गुप्ता ने कहा कि अब निजीकरण को बढ़ावा नहीं देंगे।

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Rajasthan government on backboot on issue of privatization of electricity distribution

Rajasthan government on backboot on issue of privatization of electricity distribution

कोटा में बिजली चोरी और छीजत का आंकड़ा 28 फीसदी के पार चला गया था। स्थानीय अधिकारियों को पांच साल का लंबा वक्त भी दिया गया, लेकिन वह इसे रोकने में सफल नहीं हो सके। भरतपुर में भी यही हालात थे। जयपुर डिस्कॉम के लगातार बढ़ते घाटे को रोकने के लिए सरकार को इन दोनों शहरों की विद्युत वितरण व्यवस्था निजी कंपनी के हाथों में सौंपनी पड़ी, लेकिन अब प्रदेश में किसी भी शहर की बिजली निजी हाथों में नहीं सौंपी जाएगी। यह दावा डिस्कॉम के एमडी आर.जी.गुप्ता ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में किया।

विभागीय समीक्षा बैठक करने शनिवार को कोटा आए जयपुर गुप्ता ने बताया कि कोटा शहर में प्रति वर्ष छीजत से डिस्कॉम को 175 से 200 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। विद्युत व्यवस्था फैंचाइजी कंपनी को देने के बाद डिस्कॉम कंपनी से शहर में खर्च हो रही बिजली का प्रति यूनिट 6.10 रुपए वसूल रही है। एेसे में इस वर्ष कोटा शहर से 50 से 60 करोड़ का लाभ होगा।

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छीजत नहीं रुकी तो होगी कार्रवाई

गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों व अभियंताओं को साफ कह दिया गया है कि छीजत का आंकड़ा कम नहीं हुआ तो कार्रवाई निश्चित है। इसका असर भी दिखाई दे रहा है। एेसे में डिस्कॉम का अब कोटा व भरतपुर के अलावा किसी भी शहर को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए निजी कंपनी के हाथों में देने का कोई इरादा नहीं है।

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अफसरों से करें शिकायत

गुप्ता ने कहा कि निजी कंपनी के कार्यों पर निगरानी के लिए कोटा वृत्त के अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि उपभोक्ता की सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे एसई को शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद भी समस्या हल नहीं हो तो संभागीय मुख्य अभियंता को शिकायत कर सकते हैं। गुप्ता ने कहा कि वे हर माह एक बार कोटा आएंगे और जनता से मिलेंगे।

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मकानों की छतों से हटेंगी बिजली की लाइन

गुप्ता ने कहा कि कोटा शहर में निजी कंपनी सीईएससी व डिस्कॉम में यह तय हुआ है कि शहर में जहां भी मकानों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजर रही है तथा खतरा बनी हुई है। उन लाइनों को सीईएससी हटाएगा। इसके लिए उपभोक्ता विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में प्रार्थना पत्र पेश करेंगे। इसके बाद डिस्कॉम की ओर से हटाई जाने वाली विद्युत लाइनों की सूची सीईएससी के अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

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