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कोटा में दिखेंगी ऐसी श्रीकृष्ण लीलाएं , श्रद्धालुओं का मन हो जाएगा लटा-पटा

शहरवासी जल्द ही रंगबाड़ी स्थित निधिवन के दर्शन कर सकेंगे। यहां बांके बिहारी मंदिर के सामने निधिवन विकसित किया जा रहा है।

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Rangbadi balaji Temple

कोटा . शहरवासी जल्द ही रंगबाड़ी स्थित निधिवन के दर्शन कर सकेंगे। यहां बांके बिहारीमंदिर के सामने निधिवन विकसित किया जा रहा है। इसमें भगवान कृष्ण की लीलाओं के दर्शन करने को मिलेंगे, वहीं तुलसी भी महकेगी। इन दिनों निधिवन को आकार दिया जा रहा है। निधिवन में भगवान कृष्ण की रास लीला, माखन चोरी, यमुना पार, गोवद्र्धन लीला, कालिया मर्दन, राधे कृष्ण का युगल स्वरूप समेत भगवान कृष्ण की अन्य लीलाओं के चित्रों को उकेरा गया है। चारदीवारी पर बाहर की ओर राधे-राधे लिखा गया है।

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ऐसा है इसका रूप
निधिवन करीब 400 मीटर तक फैला हुआ है। इसकी चौड़ाई करीब 25 फीट है। निधिवन में दूब लगाई जा चुकी है। कदम्ब, बिल्वपत्र, तुलसी, करंज, पीपल समेत कई पेड़ व पौधे हैं। रात में लाइटों की धवल रोशनी के बीच श्रद्धालुओं को आकर्षित करने लगा है।

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पहले थे अतिक्रमण
मंदिर समिति अध्यक्ष राजेन्द्र खंडेलवाल ने बताया कि न्यास ने यहां अतिक्रमण हटवाया। इसके बाद मंदिर समिति के पदाधिकारी तत्कालीन न्यास सचिव डॉ. एम.एल. यादव से मिले। न्यास ने चारदीवारी करवाकर इसे आकर्षक रूप दिया।

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इसलिए बनाया
बांके बिहारी मंदिर की स्थापना फरवरी 2010 में की गई थी। यहां बांके बिहारी की चित्ताकर्षक विग्रह विराजमान है। कम समय में ही मंदिर की ख्याति दूर तक हो गई। यहां प्रत्येक पूर्णिमा को संकीर्तन यात्रा निकाली जाती है। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह पौधे लगाए गए।

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बिराजेंगे चरण कमल
निधिवन में मंदिर के प्राकट्योत्सव के मौके पर 13 से 15 फरवरी तक आयोजन होंगे। इसी दौरान 15 फरवरी को बांके बिहारी के चरण कमल की स्थापना की जाएगी। वृंदावन के पवन बिहारी के सान्निध्य में आयोजन होंगे।

कहां है निधिवन
वृंदावन में यमुनाजी के तट पर निधिवन है। यहां श्रद्धालुओं को अनूठे आनंद की अनुभूति होती है। यहां तुलसी के विशाल वृक्ष बताए जाते हैं, अन्य वृक्ष भी हैं। वृंदावन जाने वाले श्रद्धालु निधिवन के दर्शन अवश्य करते हैं।