
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन (पत्रिका फाइल फोटो)
Kota News: रणथंभौर की बाघिन टी-84 की बेटी चर्चित बाघिन ’कनकटी’ को जल्द ही मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से इसकी अनुमति मिल चुकी है। उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाघिन को संभवत: मुकुदंरा के दरा क्षेत्र में बने 21 वर्ग किमी के एनक्लोजर में छोड़ा जाएगा।
टी-84 की तीन संतानों एक नर व दो मादा सब एडल्ट शावकों को रणथंभौर से अन्य टाइगर रिजर्वों में स्थानांतरित करने की स्वीकृति मिली है। इसके तहत नर शावक को बुधवार को धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया। अब कनकटी को मुकुन्दरा लाने की तैयारी चल रही है, जबकि उसकी बहन को रामगढ़ टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा।
नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के तहत बाघिन की शिफ्टिंग की जाएगी। इसके लिए रणथंभौर और मुकुन्दरा के फील्ड डायरेक्टर्स आपसी समन्वय से मौसम को देखते हुए उपयुक्त समय तय करेंगे। इस दौरान वन विभाग की टीम के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे।
एरोहेड (बाघिन टी-84) की बेटी के रूप में जानी जाने वाली टी-2508 कनकटी करीब दो साल की सब एडल्ट बाघिन है। विभाग के अनुसार वह स्वभाव से काफी एग्रेसिव है, लेकिन मुकुन्दरा में उसे जिस स्थान पर सॉफ्ट रिलीज किया जाएगा, वह इंसानी हस्तक्षेप से दूर है, इसलिए कोई समस्या नहीं आएगी।
बाघिन की शिफ्टिंग के साथ क्षेत्र में बाघों के टिकाव के लिए प्रे-बेस (शिकार आधार) को भी बढ़ाया जा रहा है। निकट भविष्य में अन्य बाघ-बाघिनों को भी मुकुन्दरा में बसाया जाएगा।
सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व
बाघिन को शिफ्ट करने की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही अनुकूल समय देखकर उसे लाया जाएगा। कनकटी के अलावा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से मुकुन्दरा और रामगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए पांच अन्य बाघिनों को लाने की योजना है। साथ ही, रणथंभौर से एक और बाघ को मुकुन्दरा लाने की प्रक्रिया भी जारी है।
मुथु एस, उपवन संरक्षक, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व
Updated on:
13 Jun 2025 08:38 am
Published on:
13 Jun 2025 08:37 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
