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रेंजर पर हमला करने वाले सब एडल्ट शावक को धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में किया शिफ्ट

Ranthambore Tiger Reserve: वन विभाग ने फिलहाल एरोहैड के एक मेल सब एडल्ट शावक की शिफ्टिंग कर दी है, लेकिन एरोहैड के दो फीमेल सब एडल्ट शावक की शिफ्टिंग होना बाकी है।

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Sawaimadhopur

बा​घिन टी-84 यानि एरोहैड के मेल एडल्ट शावक को ट्रेंकुलाइज कर ले जाती वन विभाग की टीम। (फोटो- पत्रिका)

राजस्थान के सवाईमाधोपुर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में लगातार तीन हादसों के बाद हरकत में आए वन विभाग ने रेंजर पर हमला करने वाले टी-84 एरोहैड के मेल सब एडल्ट (अर्द्धव्यस्क) शावक को शिफ्ट कर दिया है। वनविभाग से मिली जानकारी के अनुसार एनटीसीए से अनुमित के बाद सब एडल्ट शावक को ट्रेंकुलाइज कर धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया। हालांकि रणथम्भौर दुर्ग स्थित जैन मंदिर के चौकीदार राधेश्याम सैनी पर किस टाइगर ने हमला किया था। वन विभाग को इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

बता दें कि रणथम्भौर दुर्ग में गत 9 जून को बुजुर्ग राधेश्याम सैनी को टाइगर ने मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद हमले से आक्रोशित राधेश्याम सैनी के परिजनों सहित आसपास के ग्रामीणों ने गणेश धाम के सामने सड़क पर जाम लगा दिया था। ग्रामीण त्रिनेत्र गणेश मार्ग को खोलने सहित यहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजामों को लेकर अड़े थे।

इसके बाद सरकार ने तुरंत निर्णय लेते हुए जहां पहले क्षतिग्रस्त दुर्ग की दीवार का बजट जारी किया। वहीं मंगलवार रात को ही एनटीसीए की अनुमति मिलने के बाद एरोहैड के सब एडल्ट मेल शावक को धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया है। फिलहाल मेल शावक को करौली के एनक्लोजर में रखा गया है।

डीएनए जांच के लिए भेजा सैंपल

रणथम्भौर दुर्ग में चौकीदार पर हमला करने वाले टाइगर की पुष्टि के लिए वन विभाग ने मृतक राधेश्याम सैनी के शरीर मिले टाइगर के बाल को डीएनए जांच के लिए भिजवाया है। वन विभाग के अनुसार डीएनए जांच के बाद ही हमलावर बाघ अथवा बाघिन की पुष्टि हो पाएगी। हालांकि चौकीदार राधेश्याम सैनी पर भी एरोहैड के सब एडल्ट मेल शावक के ही हमला करने की संभावना जताई जा रही है।

ठंडा मौसम देखते हुए रात में की शिफ्टिंग

वन विभाग के अनुसार वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी के चलते देर रात सब एडल्ट मेल शावक को शिफ्ट करने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार कई बार शिफ्टिंग के समय मौसम अनुकूल नहीं होने से टाइगर को परेशानी आती है। ऐसे में रणथम्भौर से एक विशेष टीम तीन वाहनों से देर रात सब एडल्ट शावक को करौली के एनक्लोजर में लेकर गई। यहां रात करीब 3 बजे शिफ्टिंग का काम पूरा किया गया।

दो फीमेल शावकों की शिफ्टिंग बाकी

वन विभाग ने फिलहाल एरोहैड के एक मेल सब एडल्ट शावक की शिफ्टिंग कर दी है, लेकिन एरोहैड के दो फीमेल सब एडल्ट शावक की शिफ्टिंग होना बाकी है। दो फीमेल सब एडल्ट शावकों में से एक कनकटी बाघिन फिलहाल रणथम्भौर के भिड एनक्लोजर में है। इस बाघिन को रेंजर पर हमला करने के बाद ही एनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया था।

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इनका कहना है

एनटीसीए से बाघिन टी-84 यानि एरोहैड के तीनों सब एडल्ट शावकों की शिफ्टिंग की अनुमति मिल गई है। रात में ठंडक देखते हुए एक मेल सब एडल्ट शावक को करौली-धौलपुर टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया है। दो की भी शिफ्टिंग जल्द की जाएगी।
अनूप के आर, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना

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