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आरएएस अधिकारी ने कड़ी धूप में तीन घंटे खोदी मिट्टी

कोटा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने खुद काम करके मनरेगा मजदूरों को टास्क पूरा करने का तरीका बताया।  

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आरएएस अधिकारी ने कड़ी धूप में तीन घंटे खोदी मिट्टी

आरएएस अधिकारी ने कड़ी धूप में तीन घंटे खोदी मिट्टी

कोटा. मनरेगा (MNREGA) में टास्क पूरा करने पर ही पूरी मजदूरी मिलती है। कई श्रमिक टास्क पूरा नहीं कर पाते, इस कारण उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिल पा रही है। कोटा जिला परिषद के सीईओ टीकम चन्द बोहरा ने बुधवार को नवाचार करते हुए नरेगा श्रमिकों को टास्क पूरा करना सिखाया। वह पंचायत समिति लाडपुरा स्थित ग्राम पंचायत आलनिया में चल रहे तलाई निर्माण कार्यस्थल पर पहुंचे। उन्होंने खुद हाथ में गेंती और तगारी लेकर पथरीली जमीन खुदाई का टास्क मेट से लिया और जुट गए 30 घनफ ीट गड्डा खोदने में। तीन घंटे गेंती चलाकर मिट्टी को तगारी में भरकर अपने सिर पर रखकर तालाब की पाल पर डालने का कार्य किया। दो जनों को 60 घनफीट का टास्क दिया गया। कार्य सुबह 6 बजे शुरू किया गया और सुबह 10 बजे तक 77 घनफ ीट कार्य किया गया।

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कार्य के बाद उन्होंने श्रमिकों से कहा कि वे मेट द्वारा दिए जाने वाले टास्क को पूरा कर निर्धारित मजदूरी 220 रुपए प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नरेगा में जो टास्क दी जाती है, उसे पूरा करने के लिए वर्तमान में जो समय सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक का है और वह पर्याप्त है। अपना कार्य सुबह 10-11 बजे तक पूर्ण कर टास्क मेट को नपवा कर श्रमिक समय से पूर्व भी सहजता से पूर्ण कर सकते हैं एवं कार्यस्थल से जल्दी जा सकते हैं। जिला परिषद के आईईसी प्रभारी रविन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरीके से श्रमिक काफी प्रभावित हुए। श्रमिकों ने कहा वे अभी टास्क पूरा करेंगे और मजदूरी भी पूरी पाएंगे। राज्य में इस तरह टास्क पूरा करने की सीख देने का पहला मामला है।