
कोटा में यहां तैयार हुआ सब-स्टेशन, लेकिन जाएं तो जाएं कैसे
कोटा. रेलवे की ओर से सोगरिया स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। स्टेशन के नए भवन से ट्रेनों का ऑपरेशन भी शुरू गया है। प्लेटफार्म भी बनकर तैयार है और फुटओवर ब्रिज का कार्य अंतिम चरण में है। आगामी जून माह से स्टेशन को यात्रियों के लिए खोला जाना प्रस्तावित है, लेकिन इस स्टेशन तक पहुंचने के लिए अभी तक सुगम रास्ता तैयार नहीं हुआ है।
रंगपुर पुल से रणजीत कॉलोनी गुरुद्धारा मोड़ के बाद आगे का रास्ता बहुत सकरा और जर्जर हालत में है। इसके अलावा रंगपुर पुल से वर्कशॉप के सामने वाली सड़क भी जर्जर है। इस पर गहरे गड्ढ़े हैं। सड़क जर्जर होने के कारण इस पर नगरीय परिवहन के साधन नहीं चलते। दो साल पहले सांसद और मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक को सड़क की मरम्मत के लिए पत्र लिखा था। उसके साथ ही नगर विकास न्यास की ओर से सड़क बनाने का खर्च उठाने और मरम्मत कार्य कराने का सहमति पत्र था, लेकिन रेलवे ने न्यास को एनओसी नहीं दी। इसलिए सड़क दुरुस्त नहीं हो सकी।
तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक यू.जी जोशी ने रेलवे इंजीनियर और न्यास के इंजीनियरों का संयुक्त सर्वे कराया, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे न तो खुद सड़क दुरुस्त की और न ही न्यास को मरम्मत करने के लिए एनओसी दी। इस सड़क से हजारों लोग रोज गुजरते हैं। रेलवे के भारी भरकम ट्रोले भी गुजरते हैं। हालत यह है कि बारिश के बाद भी एक भी बार सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। कुछ दिन पहले सोगरिया स्टेशन मोड़ से पहले सीवरेज लाइन डालने के लिए रो कटिंग करके खुदाई की गई, लेकिन काम होने के बाद सड़क को दुरुस्त नहीं किया। इस कारण यहां सड़क पर गहरा गड्ढ़ा है। इसमें आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरते रहते हैं। इस कारण सीवरेज के कार्य करने वाली फर्म के खिलाफ भी लोगों को रोष है।
Published on:
24 Feb 2020 12:36 am
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