
जयपुर/कोटा @ पत्रिका। RTH Bill protest: हड़ताल के चलते प्रदेश के निजी अस्पतालों से जुड़े हजारों कर्मचारियों व उनके परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हड़ताल के चलते अस्पतालों में डॉक्टर्स व अन्य कर्मचारियों की तनख्वाह निकालना मुश्किल हो गया है।
वहीं अस्पतालों ने कर्मचारियों को रोटेशन पर बुलाना शुरू कर दिया है। सामने आया कि, कुछ ने कर्मचारियों को सैलरी देने से मना कर दिया है। निजी अस्पतालों से डॉक्टर्स के अलावा नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, रिसेप्शन काउंटर, लैब, डायग्नोसिस, पैरामेडिकल, फिजियो, डाइटीशियन, सफाईकर्मी, एम्बुलेंस, कैंटीन, वार्ड ब्वॉय जुड़े हुए हैं।
खतरे में पड़ जाएगा निजी अस्पतालों का अस्तित्व:
प्रदेश में छोटे-बड़े करीब 3500 निजी अस्पतालों से डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ मिलाकर करीब पांच लाख परिवार जुड़े हैं। संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य डॉ. राहुल देव अरोड़ा ने बताया कि बिल लागू हुआ तो निजी अस्पतालों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
दवा व सर्जिकल आइटम की बिक्री घटी:
कोटा के कैमिस्ट व्यवसायी क्रांति जैन ने बताया कि हड़ताल के चलते 50 प्रतिशत तक दवा की बिक्री घट गई। सबसे ज्यादा गिरावट सर्जिकल आइटम्स में हुई है। इसमें 70 प्रतिशत गिरावट बताई जा रही है।
Published on:
29 Mar 2023 01:58 pm
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