
Shiv Temple In Rajasthan: सावन का महीना शुरू हो गया है। ऐसे में राजस्थान के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। राजस्थान के कोटा जिले में ऐसा ही एक अद्भुत शिव मंदिर है, जहां 525 शिवलिंग स्वास्तिक की आकृति में स्थापित हैं और सावन में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। कोटा के थेगड़ा क्षेत्र स्थित शिवपुरी धाम में एक साथ 525 शिवलिंगों के दर्शन करने को मिलेंगे। हरियाली के बीच शिव की मनभावन छवि के संग विशालकाय सहस्त्र शिवलिंग के दर्शन भी होंगे। यहां की कहानी भी काफी दिलचस्प है।
शिवपुरी धाम के संचालक संत सनातनपुरी बताते हैं कि यह स्थान राणारामपुरी महाराज की तपोभूमि रही है। उन्होंने बताया कि उनके गुरु नागा बाबा राणारामपुरी महाराज नेपाल काठमांडृ स्थित परशुपति नाथ गए थे। 1986 में उन्होंने वहां महायज्ञ करवाया था। इसके बाद उन्हें भगवान शिव ने दर्शन दिए और कहा कि मेरा मुख पशुपतिनाथ में और पीठ केदारनाथ में है, भारत में भी 525 शिवलिंग होने चाहिए।
संत राणारामपुरी महाराज ने इस स्वप्न को संकल्प बना लिया। कोटा आने के बाद 1987 में उन्होंने अपनी तपोभूमि शिवपुरी धाम पर द्वादष ज्योतिर्लिंग की स्थापना करवाई। 1988 में महाराज अपने शिष्य सनातन पुरी को उत्तरदायित्व सौंपकर ब्रह्मलीन हो गए। गुरु के संकल्प को पूर्ण करने में संत सनातनपुरी जुट गए। वर्ष 2007 में 121 कुंडीय महायज्ञ करवाया और 525 शिवलिंगों की स्थापना कर गुरु के संकल्प पूरा कर दिया, जिसके बाद से ही यहां भक्तों की भीड़ लगने लगी।
525 शिवलिंगों के अलावा यहां करीब 15 फीट ऊंचा, छह फीट की परिधि वाला व 14 टन वजनी शिवलिंग स्थापित है। भगवान पशुपति नाथ की प्रतिमा, गणेश, देवी व अन्य प्रतिमाएं भी यहां स्थापित की गई है। भवसागर पार करने के लिए गत वर्षों में यहां भवसागर यंत्र को स्थापित किया गया। यहां स्थित अमृत सरोवर में 108 तीर्थों का जल प्रवाहित है।
Updated on:
22 Jul 2024 03:58 pm
Published on:
22 Jul 2024 03:58 pm
