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Video: कोटा में दिखी 25 साल पुरानी ममी और चलता फिरता कंकाल

कोटा. कोटा में 25 साल पुरानी ममी और चलता फिरता कंकाल के अलावा कई अद्भुत चीजे दिखाई गई।

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कोटा

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abhishek jain

Nov 18, 2017

25 साल पुरानी ममी

कोटा .

राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने शनिवार से रजत जयंती समारोह शुरू हुआ। समारोह का उद्घाटन राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसेज के वाइस चांसलर डॉ. राजाबाबू पंवार ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान पढऩे से ही नहीं, बल्कि देखने व सुनने पर ज्यादा समझ में आता है। इस कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ प्रेक्टिकल भी करना चाहिए।

इस मौके पर दो दिवसीय जीव का विज्ञान (साइंस ऑफ लाइफ) प्रदर्शनी लगाई गई। यहां अलग-अलग करीब 40 विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। यह आमजन व स्टूडेंट्स के लिए खोली गई। इस प्रदर्शनी को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मानव संरचना की हर चीज को देखकर स्टूडेंट्स ने भी अपनी जिज्ञासाएं शांत की।

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मानव रूपी दिखी ममी

मिस्त्री की मोम की ममी के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन पहली बार जीव संरचना विभाग में मानव रूपी 25 साल पुरानी ममी दिखाई गई। इस ममी की संरचना मानव रूपी है, लेकिन शक्ल पहचान नहीं सके। इस कारण चेहरे को बदला गया है। जीव संरचना विभाग की एचओडी प्रतीमा जायसवाल ने बताया कि विभाग में यह ममी 25 साल पुरानी है। इससे भावी डॉक्टरों को शरीर के बारे में पढ़ाया जाता है। इसे पहली बार प्रदर्शनी में दर्शकों के लिए खोला गया है। लोगों में देहदान के प्रति जागरूक बढ़े इस उद्देश्य से देहदानियों की बॉडियों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी प्रदर्शित किया।

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दिखा पिघलता मानव, चलता कंकाल

मल्टीमैन में डरावनी आवाजों के बीच मानव शरीर का पिघलता कंकाल बताया गया। यहां शीशे के अंदर मानव को खड़ा किया गया। उसके कुछ देर बाद उसने कंकाल का रूप ले लिया। इसके अलावा यहां बेट्री चलित मानव का चलता-फिरता कंकाल दिखाई दिया। जिसे देख विद्यार्थियों व अभिभावकों में उत्साह देखा गया।

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ब्लड से बनता यूरिन
मानव शरीर में यूरिन (मूत्र) संरचना भी बताई गई। मॉडल में बताया गया है कि जब हम पानी पीते है तो दबाव से शरीर में ब्लड किडनी में जाता है। वहां नेफ्रोन होते है। नेफ्रोन से स्विंगटर अंदर व बाहर ओपन होकर खुल जाते है। अंदर ब्लड रह जाता है और बाहर यूरेथ्रा से यूरिन बनकर बाहर निकल जाता है।

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इनाम के साथ मिली दाद

न्यूरोसर्जरी विभाग की प्रदर्शनी में न्यूरो सर्जन डॉ. एसएन गौत्तम ने ऑपरेशन के वीडियो भी दिखाए गए। विभाग में मधु स्मृति संस्थान के बच्चों द्वारा यातायात के नियमों के बनाए गए मॉडल को मुख्य अतिथि हेल्थ यूनिवरसिटी के कुलपति डॉ. राजा बाबू पंवार ने सराहा और बच्चों की हौसला अफ जाई की। उन्होंने बच्चों को एक हजार रुपए नकद तथा प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा ने पांच सौ रुपए नगद पारितोषिक दिया।