
कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र की साईंधाम कॉलोनी के गांव जैसे हालात
कोटा. बोरखेड़ा क्षेत्र की साईंधाम कॉलोनी में बीते एक दशक में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। कॉलोनी के आज भी गांव जैसे हालात है। इससे लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कॉलोनी वासियों के अनुसार, नगर विकास न्यास से 2010-2011 से कॉलोनी अनुमोदित है, लेकिन विकास के नाम पर यहां कुछ नहीं है। अभी सर्दी है, लेकिन कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। लोगों ने बीच रास्ते में पत्थर व मिट्टी डालकर निकलने का रास्ता बना रखा है। नाले-नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश के दिनों में तो इस कॉलोनी के हालात और भी खराब हो जाते है। लोग अपने मकानों तक भी नहीं पहुंच पाते है।
जलदाय विभाग की पाइप लाइन नहीं डली जाने से चम्बल का पानी भी लोगों को नसीब नहीं हो रहा है। लोग घरों में बोरिंग का पानी पी रहे है। कॉलोनी में खंभे लगे है, लेकिन उनमें से अधिकतर में लाइटें नहीं लगी है।
घरों का पानी खाली प्लाटों में भरा
नालियां नहीं होने के कारण घरों का पानी खाली प्लाटों में जा रहा है। इससे यह प्लाट पानी से भरे है। इनमें मच्छर पनप रहे है। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।
इनका यह कहना
पक्की सड़क नहीं
कॉलोनी में पक्की सड़क नहीं है। पानी निकासी के लिए नालियां नहीं बनी है। पानी खाली प्लाटों में भरा रहता है। बारिश में सबसे ज्यादा परेशानी होती है, लोग निकल भी नहीं पाते है।
अजय पंकज, साईंधाम कॉलोनी
नाले-नालियां नहीं
यह कॉलोनी एक दशक पहले अनुमोदित कर दी गई थी। रोड लाइटें नहीं है। रात के समय निकलना मुश्किल होता है। समाजकंटकों का जमावड़ा लगा रहता है। नाले-नालियों के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
उग्रसेन मीणा, साईंधाम कॉलोनी
गंदा पानी खाली प्लाटों में भरा
कॉलोनी में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। सड़क नहीं है। नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी खाली प्लाटों में जाता है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। सड़क व नालियों का निर्माण होना चाहिए।
हेमलता, साईधाम कॉलोनी
Published on:
22 Jan 2022 04:59 pm
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