
#AbAurNahi: कोटा के सपूत हेमराज ने छुड़ा दिए थे नक्सलियों के छक्के, पढि़ए, झारखंड का स्पेशल ऑपरेशन
कोटा. जम्मू कशमीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए कोटा के सपूत हेमराज मीणा के दोस्त और सीआरपीएफ से हाल ही में सेवानिवृत हुए सैनिक मांगीलाल ने कहा कि उनका दोस्त बहुत बहादुर था। ज्यादा से ज्यादा सक्षम और मजबूत बनने के लिए वह हर कड़ी ट्रेनिंग लेने में आगे रहता। कमांडो ट्रेनिंग लेने के बाद मेरे ही साथ उसकी पोस्टिंग झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाके धनबाद में हुई थी। जहां स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में सबसे आगे रहकर उन्होंने नक्सलियों के छक्के छुड़ा दिए थे। हेमराज वॉलीबॉल के भी माहिर खिलाड़ी थे। कई प्रतियोगिताओं में उन्होंने बड़े मैडल भी जीते। वो इतने जिंदादिल इंसान थे कि उनसे मिलने के बाद कोई भी उन्हें नहीं भुला सकता।
शहादतों से हम टूटते नहीं, बल्कि हौसले और भी बुलंद होते हैं
सीआरपीएफ के डीआईजी एसएस शक्तावत ने पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने का ऐलान करते हुए कहा कि पाकिस्तान अगर यह सोच रहा हो कि उसकी कायराना हरकतों से हमारे हौसले टूट जाएंगे तो उसकी इस गलतफहमी को हम जल्दी दूर कर देंगे। दहशतगर्द कान खोलकर सुन और समझ लें कि शहादतों से हम टूटते नहीं, बल्कि हौसले और भी ज्यादा बुलंद हो जाते हैं।
Pulwamaterror attack : पति हेमराज से भी बहादुर निकली पत्नी, नहीं पौंछा शहीद के नाम का सिंदूर...
सीआरपीएफ के अजमेर ग्रुप सेंटर टू की पांच बटालियनों में से एक 61वीं बटालियन के जांबाज सिपाही थे। अपने जवान की शहादत को सलामी देने कोटा आए डीआईजी एवं सेंटर कमांडर एसएस शक्तावत ने बताया कि यह बटालियन लंबे समय से श्रीनगर में ही तैनात है और पाक परस्त दहशतगर्दों से लोहा ले रही है। इसी बटालियन के बहादुर जवान थे हवलदार हेमराज मीणा। डीआईजी शक्तावत ने बताया कि हेमराज मीणा ट्रेनिंग के बाद दो दिन की छुट्टियां काटकर सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे थे। जहां से बाकी जवानों के साथ उन्हें पोस्टिंग पर भेजा जा रहा था। इसी दौरान हुए फिदाइन हमले में वह शहीद हो गए।
सीआरपीएफ की कार्रवाईयों से हिल गए थे दहशतगर्द
उन्होंने कहा कि आतंकी सीआरपीएफ की कार्रवाईयों से अंदर तक हिले हुए थे। जवानों की बहादुरी ने उनके हौसले पस्त कर दिए, इसीलिए उन्हें निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद पूरा देश हमारे साथ उठ खड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को फुल पॉवर दे दी है। अब बड़ा ऐक्शन लेने का वक्त आ गया है। पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रुप सेंटर में रह रहे 1203 जवानों के परिवारों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस कायरना हमले का मुंह तोड़ जवाब देने की बात कही।
Published on:
19 Feb 2019 01:25 am
