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Kota: जयपुर से कोटा पहुंची आबकारी विभाग की स्पेशल टीम तो मचा हड़कंप, कार्रवाई देख डिपो मैनेजर की बिगड़ी तबियत

Rajasthan News: आबकारी विभाग की विशेष टीम ने डकनिया स्टेशन रोड स्थित आरएसबीसीएल गोदाम में छापेमारी की, जहां लाखों की शराब की बोतलों के ढक्कन (नक्के) छिपाकर रखे गए थे।

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कोटा

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Akshita Deora

Dec 04, 2025

झाड़ियों में मिला कट्टा (फोटो: पत्रिका)

झाड़ियों में मिला कट्टा (फोटो: पत्रिका)

Excise Department Action: आबकारी विभाग की जयपुर से आई विशेष टीम ने बुधवार को डकनिया स्टेशन रोड स्थित राजस्थान स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएसबीसीएल) गोदाम में औचक निरीक्षण कर बड़ा खुलासा किया। टीम को गोदाम परिसर की घनी झाड़ियों से करीब 8 से 9 हजार नक्के (शराब की बोतलों के ऊपरी ढक्कन वाला हिस्सा) छिपे हुए मिले, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

मामले में डिपो मैनेजर और उसके सहयोगी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी उमेश गुप्ता ने बताया कि जयपुर से आई टीम को सूचना मिली थी कि गोदाम में शराब की टूटी बोतलों का रिकॉर्ड संदिग्ध है।

जब टीम ने स्टॉक और टूट-फूट का मिलान किया तो पाया कि टूटी बोतलों की संख्या असामान्य रूप से अधिक दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने जब इस बारे में पूछताछ की तो डिपो मैनेजर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। इस पर टीम ने गोदाम परिसर की सर्चिंग शुरू की, जहां झाड़ियों में छिपाए गए हजारों नक्के बरामद हुए।

टीम की जांच में प्राथमिक रूप से सामने आया कि टूटी बोतलों की आड़ में कई बार पूरी पैक बोतलें बाहर निकालने का खेल होता है। यानी फूटी बोतल दिखाकर उसका रिकॉर्ड बनाया जाता है, जबकि असल में बिना टूटी बोतलें कहीं और खपा दी जाती हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि ट्रकों के खाली होने के दौरान कुछ बोतलें टूटना सामान्य है, लेकिन इतनी अधिक संख्या संदिग्ध लगने पर ही टीम ने सर्चिंग की। जिन नक्कों को टीम ने बरामद किया है, वे इसी कथित हेराफेरी का हिस्सा माने जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि इसे बेचने या अन्य अवैध गतिविधियों में उपयोग करने की तैयारी थी।

सीकर व अजमेर में भी हुए ऐसे खुलासे

अधिकारी ने बताया कि सीकर और अजमेर में भी इससे मिलते-जुलते मामले सामने आए थे, जहां बड़ी संख्या में टूटी बोतलों, नक्कों और पैक बोतलों की अदला-बदली कर अवैध रूप से शराब बाहर निकाली गई थी। कोटा में मिले हजारों नक्के इस फर्जीवाड़े की एक और कड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं।

कार्रवाई देख डिपो मैनेजर की बिगड़ी तबियत

सूत्रों के अनुसार जब टीम ने हजारों नक्के जब्त किए तो यह दृश्य देखते ही डिपो मैनेजर घबराहट में कुर्सी से नीचे गिर पड़े। टीम के सदस्यों ने उसे संभाला, पानी पिलाया और फिर कार्रवाई आगे बढ़ाई।

इसी दौरान राजस्थान पत्रिका की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। टीम ने सभी नक्कों को जब्त कर लिया है और पूरे रिकॉर्ड तथा स्टॉक की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, मामले में कई और खुलासे संभव हैं।

टीम आई थी

टूटे हुए नक्कों के निस्तारण की प्रक्रिया की जांच के लिए टीम जयपुर से आई थी। यह विभाग का नियमित कार्य (रूटीन वर्क) है। इससे अधिक जानकारी मेरे पास नहीं है।

विपिन मीणा, सीआइ आबकारी विभाग

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