23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मरीजों के उपचार के लिए आगे आए भामाशाह दिए 1.27 करोड़

कोटा. भारत विकास परिषद में मरीजों के बेहतर उपचार व सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए भामाशाहों ने 1.27 करोड़ रूपए देने की घोषणा की।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

abhishek jain

Nov 03, 2017

भारत विकास परिषद

कोटा .

भारत विकास परिषद चिकित्सालय व अनुसंधान केंद्र में शुक्रवार से सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू हो गई। इस दौरान यहां 4000 वर्ग फीट में 12 करोड़ रुपए की लागत से सुपर स्पेशलिटी भवन का लोकार्पण किया गया। इसका निर्माण अस्पताल के कोष से कराया गया है। समारोह के दौरान दो घंटे में ही शहर के कई भामाशाहों ने 1 करोड़ 27 लाख रुपए आर्थिक सहयोग की घोषणा की। इनमें प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं। उनका दुपट्टा पहनाकर, प्रतीक चिह्न व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

Read More: अजमेर जेल अधीक्षक ने कोटा अदालत का काम रोका तो अदालत ने भेजा IG और SP को फरमान



ऐश्वर्य से नहीं, सेवा से मिलता है आनंद
मुख्य अतिथि आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि सेवा का जो आनंद है, वह भोग में नहीं। समाज की निस्वार्थ सेवा करना ही सबसे बड़ी सेवा है। धन, ऐश्वर्य से आनंद नहीं मिलता, वह तो केवल गरीब, असहाय मरीजों की सेवा में है। भविष्य में चिकित्सालय की कैंसर मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। समस्त सेवा प्रकल्पों का एक ही ध्येय है, गरीब व असहाय व्यक्तियों की सेवा करना। अध्यक्षता भाविप के राष्ट्रीय महामंत्री अजय दत्ता ने की। चिकित्सालय सचिव डॉ. गिरीश शर्मा ने सभी प्रकल्पों के बारे में बताया। अध्यक्ष अरविन्द गोयल ने गरीब मरीजों को दी जाने वाली रियायतों की जानकारी दी।

Read More: डॉक्टर्स को लताड़ लगाने जयपुर से आना पड़ा शासन सचिव को, जानिए क्या रही वजह

ये मिलेगी सुविधाएं

मुख्य संरक्षक श्याम शर्मा ने बताया कि यहां रेडियोलॉजी विभाग, कार्डियोलॉजी, आईसीयू आदि विभाग संचालित किए जाएंगे। इसमें 14 बेड, प्रशासनिक ब्लॉक, कॉन्फ्रेंस हॉल, हार्ट ऑपरेशन, मोड्यूलर ऑपरेशन थियेटर व क्रिटिकल पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड तथा पांच 10-10 बिस्तरों के सेन्ट्रल एयर कूल्ड जनरल वार्ड व 16 एसी कमरे तैयार किए गए हैं। भर्ती मरीजों के लिए भोजन, परिजनों के विश्राम के लिए 2 डोरमेट्री, रसोई गृह के साथ आवास भी उपलब्ध है। आपातकालीन चिकित्सक व नर्सिंग स्टॉफ के लिए आवासीय व्यवस्था व संस्थान में अध्ययनरत नर्सिंग व तकनीशियन छात्रों के लिए दो कक्षा कक्ष भी बनाए गए हैं।

Read More: दो दिन पहले हुई थी डिलेवरी, डॉक्टरों ने वार्ड से निकाला, बच्चे को गोद में लेकर चढ़ी 35 सीढ़ियां