
मंदिर लुटेरों का गिरोह
कोटा , बूंदी और संवाई माधोपुर के दर्जनों मंदिरों में सेंध लगाकर दानपेटियां, आभूषण और सामान लूटने वाले गिरोह को बूंदी पुलिस ने धर दबोचा। लुटेरों ने दो दर्जन से ज्यादा वारदातें कबूल की हैं। गिरोह इतना शातिर था कि मंदिरों के मंहंतों से दोस्ती गांठकर सारी जानकारी इकट्ठा करते थे और बड़ी सफाई से माल साफ कर निकल जाते। चोरों ने कई घरों और दुकानों को भी निशाना बनाया था।
एक सप्ताह तक पीछा किया तब आए पकड़ में
बूंदी जिले में एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई मंदिरों में चोरी होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मंदिरों के साथ-साथ चोर दुकानों और घरों को भी निशाना बनाने लगे तो पुलिस अधीक्षक ने लाखेरी वृत्ताधिकारी नरपतचंद, सीआई सम्पत सिंह और सहायक उपनिरीक्षक हरिराज सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर वारदात का खुलासा करने की जिम्मेदारी सौंपी। इन टीमों ने जब चोरी के तरीके पर गौर किया तो सभी वारदातों का पेटर्न एक ही जैसा मिला। जिसके किसी एक ही गिरोह के सभी वारदातों को अंजाम देने का मामला साफ हो गया।
पुलिस ने सात लोग दबोचे
लाखेरी वृत्ताधिकारी नरपतचंद ने बतााय कि सात दिनों तक लगातार जांच करने पर उन्हें सभी वारदातों के तार जयस्थल से जुड़ते नजर आए। जयस्थल के आसपास जब पड़ताल की गई तो बंटी गुर्जर का नाम सामने आया तो उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तो सभी वारदातों का खुलासा होता चला गया। पुलिस ने इस गिरोह के सात लोगों रामभरोस मीणा, महेश दाधीच, राकेश गुर्जर, देवराज गुर्जर, रामलक्ष्मण गुर्जर व बालदड़ा निवासी पप्पू गुर्जर को धर दबोचा।
दो साल से मंदिरों को बना रहे थे निशाना
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले दो साल से कोटा, बारां और सवाईमाधोपुर के मंदिरों को निशाना बना रहा है। पूछताछ में जयस्थल के जैन मंदिर से दो साल पहले छत्र और जेवरात चोरी होने की घटना के साथ-साथ गोंडीकला के सोमनाथ मंदिर, मायजा के देवनारायण मंदिर, करवर के खेमजी महाराज के मंदिर, लाखेरी के चमावली माताजी के मंदिर, भवानीपुरा मंदिर, कोटा ग्रामीण के रेलगांव व चारचौमा के बीच स्थित गणेश मंदिर से दानपेटियां, जेवर और पैसे लूटने की वारदातों का खुलासा हुआ। इस गिरोह ने दुकानों से नकदी और जेवरात के साथ-साथ कम्प्यूटर, कैमरे, प्रिन्टर और जेरोक्स तक चोरी किए थे।
Published on:
29 Aug 2017 12:29 pm
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