पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले दो साल से कोटा, बारां और सवाईमाधोपुर के मंदिरों को निशाना बना रहा है। पूछताछ में जयस्थल के जैन मंदिर से दो साल पहले छत्र और जेवरात चोरी होने की घटना के साथ-साथ गोंडीकला के सोमनाथ मंदिर, मायजा के देवनारायण मंदिर, करवर के खेमजी महाराज के मंदिर, लाखेरी के चमावली माताजी के मंदिर, भवानीपुरा मंदिर, कोटा ग्रामीण के रेलगांव व चारचौमा के बीच स्थित गणेश मंदिर से दानपेटियां, जेवर और पैसे लूटने की वारदातों का खुलासा हुआ। इस गिरोह ने दुकानों से नकदी और जेवरात के साथ-साथ कम्प्यूटर, कैमरे, प्रिन्टर और जेरोक्स तक चोरी किए थे।