
कोटा. जिला उपभोक्ता मंच ने बुधवार को राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि वे परिवादी को बीमा क्लेम की राशि दो लाख रुपए निर्णय की तिथि से एक माह में अदा करे।
महावीर नगर विस्तार योजना निवासी मुकेश मेहरा ने राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की संयुक्त निदेशक व सहायक निदेशक और शाहबाद के ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ परिवाद पेश किया था।
इसमें कहा कि उसके पति धरकरण मेहरा शाहबाद स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय होण्डापुरा में कार्यरत थे। उन्होंने अपना सामूहिक दुर्घटना बीमा करवा रखा था। 4 जून 2012 को दुर्घटना में वे गम्भीर रूप से घायल हो गए।
दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद उसने दो लाख रुपए का क्लेम पेश किया, जिसे बीमा विभाग ने खारिज कर दिया। बीमा विभाग की ओर से अदालत में पेश जवाब में कहा कि कर्मचारी के प्रीमियम की कटौती वर्ष में एक बार ही मई में होती है।
लेकिन इनकी कटौती मौत के बाद अक्टूबर में आई, इसलिए क्लेम नहीं दिया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग को आदेश दिया कि वह परिवादी को बीमा क्लेम की राशि दो लाख रुपए निर्णय की तिथि से एक माह में अदा करे। साथ ही मानसिक संताप के 3 हजार व परिवाद व्यय के 2 हजार रुपए भी अदा करे।
Published on:
30 Nov 2016 08:21 pm
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