
नेत्रदान के साथ समाजसेवी कन्हैया लाल मित्तल कर गए देहदान
मानव कल्याण समिति के अध्यक्ष व वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक कन्हैया लाल मित्तल का रविवार को निधन हो गया था। उनके परिजनों ने नेत्रदान किया था। सोमवार को उनकी पार्थिव देह भी कोटा मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन को समर्पित कर दी गई।
बेटे केशव मित्तल ने बताया कि उनके पिता ने पहले ही नेत्र व देहदान का संकल्प ले रखा था। वे काफी समय से बीमार थे। वे मानव कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष के पद पर सालों से कार्यरत रहे। अपने जीवन काल में 100 बार से अधिक रक्तदान किया। वर्षों से गायत्री परिवार व अखिल भारतीय वैश्य महासभा से जुड़े रहे। सदैव परोपकारी जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्ति ने अपने अंतिम समय में मानव कल्याण के लिए अपना शरीर देहदान किया। कोटा मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. आरूषी जैन ने बताया कि समाजसेवी कन्हैयालाल मित्तल की देह परिजनों ने दान की। इससे एमबीबीएस छात्रों को अध्ययन में मदद मिलेगी। परिजनों को कॉलेज की तरफ से सर्टिफिकेट प्रदान किया।
डॉ. जैन ने बताया कि यह अब तक 45वां देहदान है। यह साल का पहला देहदान है। जबकि पिछले साल 4 देहदान हुई थी। जबकि हर साल 20 से 25 देहदान की जरूरत होती है। अपनाघर व लावारिस बॉडी दान होने पर काम चल पाता है। ऐसे में आमजन को अंगदान व देहदान के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
Published on:
05 Feb 2024 07:44 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
