
बाघिन एमटी-4 को ट्रंकोलाइज कर किया उपचार
कोटा. मकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व की बीमार बाघिन एमटी-4 को शनिवार को ट्रंकोलइज कर उपचार किया गया। देर शाम इसे मुकुन्दरा हिल्स से लाकर नांता स्थित अभेड़ा बायोलोजिकल पार्क देर शाम को शिफ्ट कर दिया। अब जू में ही इसकी देखरेख की जाएगी। स्वस्थ्य होने के बाद इसे जंगल में छोड़ा जाएगा। बाघिन गत दिनों से लंगड़ाकर चल रही है।
बाघिन के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के लिए वाइल्ड लाइफ इन्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया से वरिष्ठ वैज्ञानिक पराग निगम आए। उनकी मौजूदगी मंें बाघिन को ट्रंकोलाइज किया गया। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक बीजो जोय ने बताया कि बाघिन का एक्सरे किया गया गया साथ ही उसे लेजर थैरेपी दी गई है। बाघिन की जांच के लिए सेंपल्स लिए गए हैं। डॉ अरविंद माथुर, डॉ तेजन्द्र सिंह रियाड, फील्ड डारेक्टर एस आर यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी संजीव गौतम व अन्य अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।
बाघिन को गत 7 सितम्बर को साइटिंग के दौरान लंगड़ाकर चलते देखा गया था। इस पर इसे गत 10 सितम्बर को भी ट्रंकोलाइज कर उपचार किया गया था। इसमें इसके पंजे में घाव व आगे की ओर बाएं कंधे मांस का फटना पाया गया था। इसके उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। चिकित्सकों ने दोबारा परीक्षण की आवश्यकता बताई थी। इस पर महज 16 दिन के अंतराल में इसे दोबारा ट्रंकोलाइज किया गया।
Published on:
26 Sept 2020 11:19 pm
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