
कोटा .
नदीपार क्षेत्र में वन विभाग की बिना अनुमति के नगर निगम की ओर से सुलभ शौचालय बनाने पर वन विभाग के अधिकारियों ने निगम के अभियंताओं को जेल भिजवाने की धमकी देने के विरोध में निगम के अभियंताओं ने सोमवार को पेन डाउन हड़ताल की। उन्होंने धमकी देने वाले वन विभाग के रेंजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की।
सोमवार सुबह निगम के कनिष्ठ अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता एक साथ हड़ताल पर उतर गए। पार्षद विवेक राजवंशी, निर्माण समिति के अध्यक्ष रमेश चतुर्वेदी, विकास तंवर, धापू बाई आदि भी पहुंच गए और रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने अभियंताओं ने वार्ता की। उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। दोपहर बाद अभियंता काम पर लौट आए।
मौखिक आदेश से परेशान हैं अभियंता
अभियंताओं का कहना है निगम के अधिकारी मौखिक आदेश पर ही काम शुरू करने के निर्देश दे देते हैं। वन भूमि पर सुभल शौचालय बनाने के भी मैखिक निर्देश दिए गए थे। इस कारण उलझन पैदा हो जाती है। आयुक्त ने समूचा मामला जिला कलक्टर के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
निर्माण समिति की बैठक टली
अभियंताओं की हड़ताल के कारण सोमवार को होने वाले निर्माण समिति की बैठक भी ऐनवक्त पर टाल दी गई। बैठक नहीं होने से विकास कार्यों संबंधित प्रस्ताव नहीं लिए जा सके।
यह है मामला
तीन दिन पहले नगर निगम की ओर से अभेड़ा महल क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत अस्थायी शौचालय बनाने का काम चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी तेजपाल मीणा ने काम बंद करा दिया। मामले में मीणा और निगम के कनिष्ठ अभियंता कुलदीप प्रेमी के बीच तकरार भी हो गई थी। प्रेमी का आरोप है कि रेंजर ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने व जेल भिजवाने की धमकी दी।
वन्य जीव कोटा उप वन संरक्षक सुनील चिद्री का कहना है कि वन भूमि पर निगम की ओर से बिना अनुमति सुलभ शौचालय बनाया जा रहा था। इसकी आड़ में अन्य लोग भी अतिक्रमण करना शुरू कर देते। इस कारण काम बंद करा दिया। मारपीट जैसी कोई बात नहीं हुई। मामले की जांच की जा रही है।
Published on:
27 Nov 2017 09:27 pm
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