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कोरोना का बड़ा असर… दुर्घटनाओं पर अंकुश, अपराध पर लगाम

हेमन्त जोशी कुचामनसिटी. कोरोना को रोकना तो घर में रहें, कोविड 19 से सुरक्षा करना है और घर में ही रहना है... जैसी पंक्तियां इन दिनों हरकिसी की जुबां पर है लेकिन इस बड़ा असर अपराध पर दुर्घटनाओं में देखने का मिला है।
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कुचामन शहर

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Hemant Kumar Joshi

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Updated: 4 Apr 2020, 2:28 PM IST

कुचामन थाना क्षेत्र में गुजर रहे तीनों मेगा हाइवे पर पिछले 15 दिनों में कोई सडक़ दुर्घटना नहीं हुई है।

कुचामन थाना क्षेत्र में गुजर रहे तीनों मेगा हाइवे पर पिछले 15 दिनों में कोई सडक़ दुर्घटना नहीं हुई है।




कोरोना के आंकड़ें भले ही देशभर में बढ रहे हैं लेकिन क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगा है वहीं यातायात बंद होने से दुर्घटनाओं पर लगाम लगी है। 20 मार्च को प्रधानमंत्री ने 22 मार्च के जनता कफ्र्यू की मांग की थी और पुलिस ने इससे पहले ही शहर के बाजारों से भीड़ को कम कर दिया और यातायात को रुकवा दिया। इसी का परिणाम रहा है कि कुचामन थाना क्षेत्र में गुजर रहे तीनों मेगा हाइवे पर पिछले 15 दिनों में कोई सडक़ दुर्घटना नहीं हुई है। इस दौरान पुलिस थाने में भी ना कोई फरियादी पहुंच रहा है और ना ही कहीं कोई अपराधिक घटना हुई है। हरकोई घर में रहकर अपनी और अपने परिवार की कोरोना से सुरक्षा में जुटा हुआ है। ऐसे में पुलिस भी केवल कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा में जुटी हुई है।

प्रतिमाह 40 से अधिक सडक़ दुर्घटना

कुचामन थाना क्षेत्र में यूं तो प्रतिमाह 40 से 60 सडक़ दुर्घटनाएं होती थी जिसमें औसतन 4-5 लोगों की मौत हो जाती लेकिन देश में कोरोना के मरीज मिलने के बाद बरती जा रही सतर्कता के चलते अब सडक़ दुर्घटनाओं में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 15 दिनों में कुचामन थाना क्षेत्र में कोई सडक़ दुर्घटना नहीं हुई और ना ही दुर्घटना में किसी की जान गई है। सडक़ों पर सन्नाटा पसरा है और आम जन भी घरों में सुरक्षा की दृष्टि से अपना जीवन यापन कर रहे है। जिससे सडक़ दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु का आंकड़ों में भी कमी आएगी।


कोई मुकदमा नहीं

कोरोना का असर ऐसा है कि पिछले 15 दिनों में कुचामन पुलिस थाना में ना तो कोई फरियादी न्याय की गुहार लेकर पहुंचा है और ना ही कोई अपराधिक मामला दर्ज हुआ है। इन दिनों में महज 3 मामले दर्ज हुए है वह भी कोरोना से जुड़े मामले है। एक मामला पलाड़ा सरपंचपति की ओर से कोरोना टीम को धमकाने का दर्ज हुआ है और एक मामला फांसी लगाकर आत्महत्या करने का दर्ज हुआ है जिसमें परिजनों ने दहेज का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट पेश की थी। ग्राम हिराणी में भी एक मामला मारपीट का दर्ज हुआ है। पुलिस की ओर से भी इन दिनों सभी ड्यूटियां कोरोना के लिए ही सुरक्षा में लगाई जा रही है। सभी बीट कांस्टेबल तामिल, पुलिस वैरिफिकेशन, जांच इत्यादि सभी मामले छोडकऱ केवल सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे है। जहां पुलिस थाने के अपराध रिकॉर्ड में कमी आई है वहीं इन दिनों न्यायालय में भी पेशियां सहित फैसलों की तारीखें आगे बढा दी गई है।

इनका कहना-
कोरोना के चलते अपराध में कमी आई है, पिछले कुछ दिनों में अपराध से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है, केवल दहेज प्रताडऩा व कोरोना टीम को धमकाने का मामला सामने आया था।
रामवीर जाखड़
एसएचओ, कुचामन
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पूरा चिकित्सा विभाग कोरोना से बचाव की दृष्टि से कार्य कर रहा है। यातायात पर रोक के चलते दुर्घटनाओं में कमी आई है। पहले जहां प्रतिमाह 40 से 60 एक्सीडेंट होते थे जो पिछले कुछ दिनों में एक भी नहीं है।
डॉ. शकील अहमद राव
प्रमुख चिकित्साधिकारी, कुचामन

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