
कुचामन में फलों की बिक्री करता एक ठेला चालक।,कुचामन में फलों की बिक्री करता एक ठेला चालक।
कुचामनसिटी. कुचामन की फल मण्डी में अब व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भावों में कुछ तेजी भी है लेकिन बाजार बंद होने का असर है कि व्यापारियों को प्रतिदिन नुकसान झेलना पड़ रहा है।
फलों के व्यापारियों ने बताया कि कुचामन में आम दिनों में करीब पांच सौ क्विंटल फलों का व्यापार होता था, लेकिन अब महज २०-३० क्विंटल का ही व्यापार शेष रहा है। इसमें भी फुटकर विक्रेताओं को घाटे में काम करना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार बाजार बंद होने के चलते सुबह ८ से१२ बजे तक फलों की बिक्री हो सकती है, लेकिन जो फल पककर तैयार हो जाते है वह नहीं बिकने से उन्हें फेंकना पड़ता है। जबकि आम दिनों में रमजान के मौके पर फलों की बिक्री बढ जाती है। रोजे के दौरान मुस्लिम धर्मावलंबी इफ्तार में फलों का सेवन अधिक करते हैं लेकिन इस बार लॉक डाउन के चलते फलों की बिक्री कम हो गई है। इन दिनों में बाजार में सर्वाधिक बिक्री महज आम और पपीते की हो रही है। जबकि यह दोनों ही फल पकने के बाद दो दिन खराब हो जाते है। जिससे फल विक्रेताओं को पर्याप्त बिक्री के अभाव में नुकसान कासामना करना पड़ रहा है। अधिकांश फल विके्रता तो दोपहर में सडऩे की स्थिति में आने वाले फल मवेशियों को डाल देते है।
यह है फलों के भाव-
कुचामन में बाजार में फल व्यापारी ग्राहकों को इन भावों में फल उपलब्ध करवा रहें है, हालांकि यह भाव थोक मण्डी से कुछ अधिक है लेकिन इन भावों में भी व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। बाजार में आम ८० रुपए किलो, अंगुर ६० रुपए किलो, संतरा ५० रुपए किलो, केला ३० रुपए किलो, अनार ६० रुपए किलो, सेव १०० रुपए किलो, पपीता ३० रुपए किलो व कीवी १०० रुपए ५ पीस के भाव से बेचे जा रहे है।
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Published on:
29 Apr 2020, 4:07 PM IST
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