
इंजेक्शन लगने के बाद हुई बच्चे की मौत, परिजनों ने वार्ड में की तोड़फोड़...डॉक्टर को पीटा
Kushinagarnews : जिला अस्पताल में भर्ती बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा, वार्ड में तोड़फोड़ के साथ ही डॉक्टर की भी पिटाई हुई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह हंगामे को शांत कराया। वहीं, डॉक्टर की तहरीर पर एक नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
तेज बुखार से पीड़ित बच्चा पीकू वार्ड में भर्ती था
जानकारी के मुताबिक पडरौना शहर के बसाहिया बनबीरपुर निवासी फिरोज के 4 वर्षीय बेटे को तेज बुखार था। घरवाले उसे लेकर 29 सितंबर को जिला अस्पताल गये। जहां डॉक्टरों ने पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। उसकी तबीयत रात को अचानक बिगड़ गई और बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मां ने इसकी जानकारी घरवालों को दी। कुछ देर बाद दर्जनों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर कृष्ण मुरारी पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पिटाई कर दी।
बच्चे की मौत के बाद पीकू वार्ड में जमकर तोड़फोड़
मृतक बच्चे के परिजनों जमकर हंगामा किया इस दौरान करीब आधा घंटे तक चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित रही। परिजनों ने वार्ड में बेड नंबर-4 की वेंटिलेटर मशीन, मॉनिटर,सिरिंज पंप, ऑक्सीजन चेंबर तोड़ दिया। हंगामे व तोड़फोड़ के समय वार्ड में 30 बच्चे भर्ती थे। उपद्रव के कारण भर्ती किए गए बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्यकर्मी की सूचना पर पहुंची रविंद्रनगर धूस पुलिस ने नाराज लोगों को समझाकर वार्ड से बाहर निकाला इसके बाद मामला शांत हुआ।
डॉक्टर की तहरीर पर पिता और 25 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज
रविंद्रनगर इंस्पेक्टर राजेश मिश्र ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर पर मृतक साहबजादा के पिता फिरोज और 25 अज्ञात लोगों पर मारपीट,सरकारी कार्य मे बांधा डालने और तोड़फोड़ का केस दर्ज किया गया है। चार वर्षीय बच्चे साहबजादा को तेज बुखार था। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिन घरवाले नहीं ले गए। इसकी वजह से मौत हो गई। इसी से नाराज लोगों ने मारपीट और तोड़फोड़ की। मारपीट करने वालों पर केस दर्ज कराया गया है।
परिजन बोले, गलत इंजेक्शन से हुई बच्चे की मौत
मृतक बच्चे के पिता फिरोज ने बताया कि जब बच्चे को भर्ती कराया गया तब तबीयत ठीक नहीं थी। इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार हो रहा था। शाम को सिस्टर ने इंजेक्शन लगाया इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, पूछने पर कोई जवाब नहीं दे रहे थे। स्टॉर्फ नर्स ने फोन कर डॉक्टर को बुलाया, जिसने इंजेक्शन लगाया उसे डॉक्टर डांटने लगे और बच्चे को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से बच्चे की मौत हुई है। क्योंकि इस घटना के दो घंटे पूर्व एक और बच्चे की मौत हो गई थी। घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए अपनी गलती को छिपाने के लिए डॉक्टर ने फर्जी केस दर्ज कराया है।
Published on:
05 Oct 2023 04:30 pm
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