कुशीनगर. जिले के अहिरौली थाने से करीब डेढ महीने पूर्व पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाई गई लाश परिजनों को अब तक नहीं मिली। थाने से लेकर जिला तक लगातार दौड़ने के बाद भी उन्हें संतोषजनक जबाब नहीं मिल रहा।
मामले में पुलिस का कहना है कि शव को फोरेंसिंक टेस्ट के लिए भेज दिया गया है लेकिन परिजनों को शक है कि पुलिस ने शव को कहीं फेंक दिया है। जी हां जिले के अहिरौली थाने गांव रोहुआ मछरगांवा निवासी जितेंद्र की हत्या 11 सितंबर को कर दी गई। हत्यारों ने शव को एसिड से जलाकर तेलगांवा ग्रामसभा की सीमा में एक धान के खेत में फेंक दिया।
मृतक की मां मीना देवी की तहरीर पर अहिरौली थाना की पुलिस ने 20 मधवलिया निवासी पिता- पुत्र तथा सोडरा निवासी एक व्यक्ति सहित 3 लोगों पर हत्या तथा हत्या की साजिश रचने का केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जनपद मुख्यालय भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम कर रहे डॉक्टर की सलाह पर शव को फोरेंसिक टेस्ट के लिए लखनऊ भेज दिया गया। फोरेंसिंक लैब के ऑब्जेक्शन के बाद शव को दोबारा सील कर लखनऊ भेजने की बात पुलिस कह रही है लेकिन डेढ महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी शव का पता नहीं है।
मृतक की मां मीना देवी व उसके मामा महेंद्र का कहना है कि थाने से लेकर जिला मुख्यालय तक लगातार दौड़ने के बाद जितेंद्र का शव नहीं मिल रहा है। कब दोबारा शव आया , कब भेजा गया , उन्हें आज तक पता नहीं है ।