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UP में 13 IAS अधिकारियों का बड़ा तबादला, पांडियन लखनऊ लौटे, अन्नपूर्णा गर्ग को नई जिम्मेदारी

UP IAS Transfers: उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारियों के तबादले में बड़ा फेरबदल करते हुए 13 अधिकारियों की नई तैनाती की है। इनमें वरिष्ठ और जूनियर दोनों स्तरों के अधिकारी शामिल हैं।

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UP Administration

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उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 13 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जूनियर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पांडियन बने डायरेक्टर इंडस्ट्रीज कानपुर, लखनऊ में संभालेंगे कार्यभार

पांडियन जो पहले नोएडा में तैनात थे, अब लखनऊ लौट आए हैं और उन्हें डायरेक्टर इंडस्ट्रीज कानपुर बनाया गया है। यह तबादला औद्योगिक विकास को गति देने के मकसद से किया गया है। पांडियन का प्रशासनिक अनुभव इस पद के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  मिनिष्टि की वापसी, वित्त विभाग में सचिव का पदभार  

स्टेट जीएसटी की पूर्व कमिश्नर मिनिष्टि भी अवकाश से लौट आई हैं और उन्हें वित्त विभाग में सचिव बनाया गया है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए यह तैनाती की गई है, जिससे वित्तीय प्रशासन को मजबूती मिल सके।

अन्नपूर्णा गर्ग को विशेष सचिव नियुक्ति विभाग की जिम्मेदारी

अन्नपूर्णा गर्ग जिन्हें नोएडा से बुलाकर नियुक्ति विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, को नई जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति उनके पिछले प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए की गई है, और उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त माना गया है।

अनीता यादव को वेटिंग में डाला गया, आगरा विकास प्राधिकरण से हटाया गया

इस फेरबदल में अनीता यादव को आगरा विकास प्राधिकरण से हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। उनके स्थानांतरण के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए किया गया है।

जूनियर आईएएस अधिकारियों की भी नई तैनाती

जूनियर लेवल के आईएएस अधिकारियों को भी इस फेरबदल में नई तैनाती मिली है, जो प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने के लिए की गई है।

जानिए तबादलों की मुख्य वजह

आईएएस अधिकारियों के तबादलों की मुख्य वजहें अक्सर प्रशासनिक जरूरतों, क्षेत्रीय संतुलन, और शासन में सुधार की दिशा में की जाने वाली कोशिशों से जुड़ी होती हैं। इस मामले में तबादलों की मुख्य वजहें निम्नलिखित हो सकती हैं:

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना: पांडियन जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को औद्योगिक विकास की जिम्मेदारी सौंपने का मकसद प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। उनके अनुभव का फायदा उठाकर कानपुर में औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने की योजना हो सकती है।

वित्तीय प्रबंधन सुधार: मिनिष्टि को वित्त विभाग में सचिव के पद पर तैनात करने का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता लाना हो सकता है। उनकी विशेषज्ञता से राज्य के वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने की कोशिश की जा रही है।

आंतरिक संतुलन और अनुशासन: अनीता यादव को वेटिंग में डालने और अन्य अधिकारियों के तबादलों का कारण प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना और अनुशासन सुनिश्चित करना हो सकता है। यह कदम किसी संभावित आंतरिक मतभेद या प्रदर्शन के मुद्दों के चलते भी लिया जा सकता है।

राजनीतिक और विकासात्मक प्राथमिकताएं: सरकार की विकासात्मक और राजनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार भी तबादले किए जाते हैं, ताकि इन प्राथमिकताओं के अनुरूप अधिकारियों की तैनाती हो सके।

अवकाश से वापसी: मिनिष्टि और अन्य अधिकारियों की वापसी के बाद, उन्हें प्रशासनिक तंत्र में उचित स्थान देने के लिए तबादले किए गए हैं, जिससे वे अपने अनुभव का अधिकतम लाभ उठा सकें।

इन तबादलों का उद्देश्य राज्य की शासन व्यवस्था को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है, जिससे जनता को बेहतर सेवाएं और विकास की दिशा में तीव्र गति मिल सके।