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ऐसा कार्य कर दिया की जनपद का नाम हुआ रोशन

प्रदेश के पांच में से चुना गया प्रथम, राष्ट्रपति पुरूस्कार से नवाजा गया यह शिल्पी, 8 माह की मेहनत से बनाया 18वीं सदी का देवस्तम्भ.

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Abhishek Gupta

Dec 13, 2016

Pranab

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ललितपुर. कोई व्यक्ति अगर कोई भी कार्य मन लगाकर करे और उसे उस कार्य के लिए उत्कृष्ट पारितोषक मिल जाय तो कितना अच्छा लगता है यह सिर्फ वही व्यक्ति जान सकता है और अगर उसी कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल जाय तो बहुत ही गौरव की बात है। ऐसा ही एक वाकया ललितपुर जनपद में देखने को मिला जब जनपद के एक व्यक्ति ने इस हस्तशिल्प से 18वीं सदी का देव स्तम्भ बनाया और इस देवस्तम्भ को राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया।
ललितपुर जनपद के स्थानीय मुहल्ले चौवियाना में हरदौल बाबा के निकट रहने बाले हस्तशिल्पी मुन्नलाल सोनी ने 8 माह की अथक मेहनत से एक 18वीं सदी का धातु से निर्मित एक देवस्तम्भ बनाया और उस देव स्तम्भ को जिला उद्योग विभाग की ओर से एक कम्पटिशन में भेजा गया। वहां पर वह देवस्तम्भ प्रदेश की 5 कलाकृतियों में प्रथम स्थान पर आया। हस्तशिल्पी मुन्नलाल के अनुसार नेशनल अवार्ड के लिए देश भर से लगभग 400 कलाकृतियां आई थी जिनमें से 20 कला कृतियों को पुरस्कार के लिए चुना गया। और उत्तरप्रदेश से चयनित पांच कलाकृतियों में देवस्तम्भ पहले पायदान पर आया और उन्हें देश के महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाकर वह खुशी से फुले नहीं समा रहे हैं। उनका परिवार बहुत खुश है और यह जनपद के लिए भी गौरव की बात है।

हस्त शिल्पी मुन्नलाल सोनी का परिवार मूलरूप से मध्यप्रदेश के प्रानपुरा चंदेरीका है। वह बताते हैं कि हमारे दादा जी ललितपुर आकर बस गए। तब से हमारा परिवार यहीं रहकर हस्तशिल्प का काम कर रहा है। हमारे घर में तीन पीढ़ियों से यह काम होता चला आ रहा है। हस्तशिल्प हमारा पुश्तैनी काम है। इस शिल्पी ने एक से बढ़कर एक कलाकृतियां बनाई हैं। इनके परिवार को पहले भी कई पुरूस्कार मिल चुके हैं। उनका कहना है कि यह राष्ट्रपति पुरस्कार हस्तशिल्पियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा और यह उनकी मनोदशा बदलने का कार्य भी करेगा। जनपद में इस हस्तशिल्पी के लिए बधाई देने वालों का तांता लगा है।