
अब घर-घर से खोज निकाले जाएंगे कुष्ठ रोगी, इस नियमों के तहत चलेगा अभियान और होगा इलाज
ललितपुर. जनपद में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत पहली बार कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया जायेगा। कुष्ठ रोगियों को खोजने के लिए 1356 टीमें घर-घर जाएंगी। यह अभियान आगामी 16 जुलाई से 29 जुलाई तक चलाया जाएगा। यह अभियान प्रदेश के 39 जिलों के 478 विकास खण्डो में चलाया जाएगा। डॉ. आरके सोनी, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी ने बताया कि कोई बच्चा विकलांग न होने पाये एवं खोजे गए रोगियों में विकलांगता की दर 1 रोगी प्रति 10 लाख जनसंख्या से कम करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
कुछ इस तरह काम करेंगी टीमें
जनपद में करीब 13 लाख 56 हजार की आबादी है, जिसके लिए जिले में लगभग 1356 टीमें काम करेगी और उसके पर्यवेक्षण के लिए लगभग 270 सुपरवाइज़र कार्य करेगें। इसके अलावा उन्होंने बताया कि ये टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ व संदिग्ध रोगियों की खोज करेगी। हर एक टीम में दो सदस्य होगें और हर 5 टीम पर एक सुपरवाइजर होगा। यह टीम उन क्षेत्रों में काम करेगी, जो हाई रिस्क एरिया चिन्हित होगी। टीम को एक फॉर्मेट दिया गया हैं, जिसके तहत वह कुष्ठ के प्रारम्भिक लक्षण के आधार पर जांच एवं परीक्षण करेगी। जांच के उपरांत जिस व्यक्ति में कुष्ठ रोग की पुष्टि होगी, उनको जल्द से जल्द स्वास्थ्य केन्द्रो द्वारा उपचार दिया जायेगा जिससे कुष्ठ रोग जल्द से समाप्त हो सके।
दो साल के बच्चों को छोड़कर सभी की जांच
इसके अलावा इस अभियान में शून्य से दो वर्ष के बच्चों को छोड़कर सभी की जांच टीम द्वारा की जानी है। एक टीम एक दिन में शहर के 20-25 घरों व गाँव के 15-20 घरों का निरीक्षण करेगी। यदि किसी परिवार में 4 सदस्य है और निरीक्षण के समय एक अनुपस्थित होता है, तो टीम उस घर पर एक्स का निशान लगाएगी और दूसरे दिन फिर उस घर का निरीक्षण कर बचे हुये व्यक्ति को जांचेगी।
जनसंख्या के आधार पर बनेगी टीम
डॉ. आरके सोनी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए 29 और 30 जून को सभी ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधीक्षक को प्रशिक्षण दिये जा चुका है। इस प्रशिक्षण में उपस्थित सभी अधिकारीयों को इसके बाद अपने-अपने क्षेत्र का माइक्रोप्लान बनाना हैं। साथ ही जनसंख्या के आधार पर टीम बनानी हैं। जिसमें एक महिला एवं एक पुरुष होना चाहिए। वही उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने ब्लॉक स्तर पर भी टीम को एक दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक 81 कुष्ठ रोगी थे। वहीं अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक 81 रोगी थे। कुल मिलाकर पिछले दो वर्षों में 162 रोगी पाये गए, जिनमें से 89 कुष्ठ रोगियों को ठीक किया जा चुका है। वहीं 73 को इलाज दिया जा रहा है।
Published on:
04 Jul 2018 03:10 pm
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