2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रियल हीरो हैं 78 साल के निरंजन, इस मद में खर्च कर रहे हैं अपनी पेंशन की राशि

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं ललितपुर के रिटायर्ड शिक्षक रूपनारायण निरंजन, देखें वीडियो

2 min read
Google source verification
lalitpur

रियल हीरो हैं 78 साल के निरंजन, इस मद में खर्च कर रहे हैं अपनी पेंशन की राशि

ललितपुर. राष्ट्रपति पुरस्कार जीत चुके 78 वर्षीय अध्यापक रूपनारायण निरंजन सरकारी नौकरी से तो रिटायर हो चुके हैं, लेकिन समाजसेवा में वह नौजवानों से कहीं आगे हैं। आज भी उनमें नौजवानों जैसा हौसला और जुनून है। लोगों की सेवा करना, सड़कों को स्वच्छ व दुरुस्त रखना और लोगों की सेवा करना ही उनकी दिनचर्या बन गया है। वे सुबह 4.30 उठकर फावड़ा-झाड़ू लेकर घर से निकलते हैं और रोजाना करीब 5 घंटे शहर की साफ-सफाई करते हैं। इनके पास वैद्य की डिग्री है, इसलिए वे मुफ्त में लोगों का इलाज भी करते हैं। अपने पैसों से ये सड़कों की मरम्मत भी करवाते हैं और जरूरतमंदों की मदद भी।

1999 में राष्ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा इन्हें शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। यह अपने पैसों से स्कूल और सड़कें बनवा चुके हैं। ललितपुर के चौक बाग में रहने वाले निरंजन जब शहर में हथठेला लेकर निकलते हैं, तो अनजान लोग इन्हें मजदूर समझ बैठते हैं और जब लोगों को उनके काम के बारे में पता चलता है तो वह उन्हें बिना सैल्यूट किए नहीं रह पाते।

ऐसी है दिनचर्या
खुद को फिट रखने वे सुबह एक कप चाय पीते हैं। दोपहर में चार रोटी खाते हैं। रात में एक किलो दूध और खुद का बनाया च्यवनप्रास खाते हैं। पिछले 10 सालों से यही उनका रूटीन है।

पिता से मिली समाजसेवा की प्रेरणा
रिटायर्ड टीचर निरंजन बताते हैं कि समाजसेवा की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से ही मिली है। 1973 में जब उनका ट्रांसफर हुआ, तो वहां सड़क न होने से पहुंचने में दिक्कत होती थी। इस परेशानी को दूर करने उन्होंने सड़कें बनाना शुरू कर दी। वे 1964 में टीचर बने थे।
2002 में रिटायरमेंट के बाद रूप नारायण पूरी तरह से समाजसेवा में जुट गए।

लोगों के लिये मिसाल बने
यह नसीहत है उन लोगों के लिए जो हर काम के लिए सरकार को कोसते हैं और सरकार पर निर्भर रहते है। साथ ही उन भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों के लिए भी नसीहत है जो सरकार द्वारा भेजी गई जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन कराने में भ्रष्टाचार मचाते हैं। देश-प्रदेश और इस समाज में आज भी कुछ ऐसी सख्शियतें मौजूद हैं जो अपना काम अपना फर्ज बखूबी निभाते हैं और किसी से उफ तक नहीं करते।

देखें वीडियो...