
Symbolic Photo of Flood in Lalitpur
ललितपुर में पिछले करीब 24 घण्टों से भारी बारिश के चलते बेतवा नदी उफान पर है, जिसके चलते माताटीला बांध के 12 गेट खोलकर 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी दौरान देर शाम खेत पर चारा काटने एवं बकरियां चराने गए किसान और ग्रामीण बड़ी बाढ़ में फंस गए। ये बाढ़ नजदीकी पड़ने वाले बांध का फाटक खोलने से आई थी। जिसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी गई थी। वहीं बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को रेसक्यू करके निकाला गया।
ललितपुर के थानागांव के मजरा रामसागर एवं प्यासी निवासी पांच ग्रामीण दिनेश, अमित, जितेंद्र पुत्र मुकेश, अवधेश पुत्र विनोद तथा अमित पुत्र मनीराम सेन अचानक जलस्तर बढ़ने से टापू पर फस गए थे। टापू पर फंसने के बाद उक्त ग्रामीणों ने मोबाइल फोन से अपने गांव के साथ साथ संबंधित अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी।
उक्त घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी आलोक सिंह के तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर ग्रामीणों को सकुसल बाहर निकालने के निर्देश दिए, जिस पर उप जिलाधिकारी तालबेहट अमित कुमार भारती ने बचाव दल, गोताखोरों एवं नाविकों के साथ सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया।
जिला प्रशासन द्वारा नावों के साथ-साथ अन्य आवश्यक प्रबंध भी किए गए थे। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक सिंह लगातार उपजिलाधिकारी तालबेहट एवं बचाव दल व प्रभावित लोगों के परिजनों के संपर्क में रहे। चूंकि पानी के बढ़ते स्तर के दृष्टिगत रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, परंतु जिलाधिकारी के कुशल निर्देशन एवं बचाव दल के अथक प्रयासों के चलते टापू पर फसे उक्त पांचों ग्रामीणों को सकुशल बाहर निकाला गया।
जिला प्रशासन की अपील नदी नालो और नहर के किनारे न रहे
इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि मौजूदा हालात में अत्यधिक बारिश होने के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, ऐसे में कोई भी व्यक्ति घांस काटने, बकरियां चराने या अन्य कारणों से नदी-नालों के समीप न जाएं, उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रात्रि होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ मछुआरों और स्थानीय लोगों ने कड़ी मेहनत मशक्कत के बाद सभी लोगों को बचाने में अपना योगदान दिया।
Published on:
15 Sept 2022 04:28 pm
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