ललितपुर. प्रदेश सरकार भले ही प्रदेश की पुलिस प्रणाली को हाईटेक बनाने में लगी हुई है जिससे अपराधों पर अंकुश लग सके और लोगों को न्याय मिल सके, लेकिन धरातल की बात करें तो यह सब बेकार साबित हो रहे हैं। गरीब आदमी आज भी थाने व अदालतों के चक्कर लगा लगा कर परेशान हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिले में जब से नए पुलिस अधीक्षक डां ओपी सिंह ने कार्यकाल संभाला है तब से पुलिस के प्रति यहां के नागरिकों में विश्वास बढ़ा है, लेकिन कुछ निजी स्वार्थी पुलिसकर्मियों की वजह से पुलिस की साख पर बट्टा लग रहा है।
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ताजा मामला ललितपुर थाना शहर कोतवाली का है जहां बरसों से तैनात एसआई संतराम ने एक जमीनी मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर एक पक्ष से जबरदस्ती राजीनामा पर दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन, जब एक पक्ष हीरालाल पुत्र दम्मे कुशवाहा पक्ष नहीं माना तो उसके साथ मारपीट कर उसका हाथ फ्रैक्चर कर दिया। इसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक निवास पर जाकर की।
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पीड़ित की लड़की ने दिया बयान-
पीड़ित की लड़की रामवती ने बताया कि हमारे पिताजी हीरालाल पैर से विकलांग है। उन्हें धोखे से कोतवाली में तैनात एसआई संतराम ने कागज लेकर थाने में बुलाया और फिर जबरदस्ती राजीनामा पर दस्तखत कराने लगे। हमारे पिताजी ने दस्तखत करने से मना कर दिया और अपने वकील साहब के आने को बात कही। इस पर वह नहीं माने और जबरदस्ती हाथ पकड़ कर कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। हमारे पिताजी ने जब इसका विरोध किया तो पिताजी और चाचा के साथ मारपीट कर दी, जिससे पिता जी का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके पहले भी ऐसे कई प्रकरण सामने आ चुके हैं।
हाल ही में दो दिन पूर्व स्टेशन रोड पर बाइक से एक्सीडेंट में घायल हुए पति – पत्नी व उसके बच्चे को अस्पताल ले जाने की बजाए थाने में बैठाए रखा था और अवैध रूप से रुपयों की मांग की जाने लगी थी। मामला जब मीडिया के संज्ञान में आया तो इसकी शिकायत के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल चौकी इंचार्ज प्रदीप द्ववेदी व मुंशी पुलिसकर्मी को लाईन हाजिर कर दिया। अब देखना यह होगा पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।