कोरोना ही नहीं, मलेरिया से भी खुद को बचाएं, यह तरीके अपनाएं

world malaria day malaria prevention and cure इस समय थोड़ी समझदारी दिखा कर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर और आस-पास सफाई रख कर मलेरिया से भी बचा जा सकता है।

By: Abhishek Gupta

Published: 24 Apr 2021, 08:35 PM IST

ललितपुर. world malaria day malaria prevention and cure अभी पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। हर तरफ मुश्किल है, लोग लगातार उपचाराधीन हो रहे हैं। इस समय थोड़ी समझदारी दिखा कर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर और आस-पास सफाई रख कर मलेरिया से भी बचा जा सकता है। मलेरिया के प्रति समुदाय में जागरूकता को लेकर ही 25 अप्रैल को हर वर्ष विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2008 से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है। इस वर्ष की थीम – रीचिंग द जीरो मलेरिया टारगेट मतलब मलेरिया के शून्य टारगेट तक पहुंचना है।

ये भी पढ़ें- यूपी में एक दिन में रिकॉर्ड 38055 हुए कोरोना संक्रमित, 223 की मौत

यह बीमारी एनोफेलीज मादा मच्छर के काटने से होती है। अगर सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह जानलेवा बन जाती है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में साल 2019 में करीब चार लाख मौतें मलेरिया की वजह से हुई थीं और इसी साल पूरी दुनिया में करीब 23 करोड़ मलेरिया के केस आये थे।

जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार बताते हैं कि इस समय कोरोना संक्रमण फैला हुआ है, इस वायरस से बचने के लिए साफ सफाई ज़रूरी है। वैसे ही मलेरिया से बचने के लिए भी अपने आस-पास साफ सफाई रखना बेहद अहम है। घर के आस-पास पानी को ठहरने नहीं दें क्योंकि रुके हुए पानी में मच्छर अंडे देता है और मच्छर आगे पनपते हैं। वह बताते हैं कि कोरोना संक्रमण कि वजह से मलेरिया टेस्टिंग का काम प्रभावित काफी हुआ है। इस वर्ष 35051 मलेरिया के टेस्ट हुए जिसमें 15 पॉजिटिव निकले और उन्हें उचित इलाज मुहैय्या कराया गया|

ये भी पढ़ें- कानपुर में एक दिन में रिकॉर्ड 476 की अंत्येष्टि, सूर्यास्त के बाद चिता न जलाने की भी टूटी परंपरा

मलेरिया की वजह बनने वाले मच्छरों से ऐसे करें बचाव-

अपने घर के आस-पास किसी भी तरह का जलभराव न होने दें। ध्यान रहे मच्छर गंदे और साफ पानी दोनों में पनप सकते हैं। मच्छर घरों में खिड़की व दरवाजे के रास्ते घुस जाते हैं। इसलिए दरवाजे और खिड़कियों पर ऐसी जाली लगवाएं, जिससे हवा तो अन्दर आए, लेकिन मच्छर न घुस पायें। घरों की छतों पर रखी पानी की टंकी को ढककर रखें, ताकि मच्छर न पनप पायें। रात में सोने के लिए मच्छरदानी लगा लें। मच्छरों से बचने के लिए यह बेहद आसान, प्रचलित और बेहद सुरक्षित तरीका है। पूरी बांह के कपड़े पहनें।

गाँव में जानवरों के बाड़ों को घर से दूर रखें। यहाँ काफी मच्छर पनप सकते हैं, इसलिए इसमें साफ-सफाई का बहुत ख्याल रखें। खराब टायर, कूलर आदि में पानी जमा होने न दें। संतुलित आहार ले और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल सब्जी खाएं।

यह हैं मलेरिया के लक्षण:-

तेज बुखार आना और ठंड लगना, सिरदर्द होना, उल्टी आना।

Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned