
Chinese bank’s lawyers asked to anil ambani, family will not help Anil
नई दिल्ली। साल 1967 और फिल्म उपकार। रिश्तों पर गाना 'कसमे वादे प्यार वफा सब बातें हैं बातों का क्या' फिल्माया गया था। यह रिश्ते नाते कसमे वादे, इनकी बातें सिर्फ भारत में ही हो सकती हैं। गीतकार ने इस सोच को मौजूदा समय से 50 साल पहले ही सोच लिया था। खैर इनकी बातें एक बार फिर से उठी हैं। ताज्जुब की बात तो ये है कि इन बातों को भारत में नहीं और किसी भारतीय ने नहीं बल्कि लंदन की कोर्ट में चीनी लोगों ने भारतीयों के लिए उठाया है। जी हां, जिस भारतीय या यूं कहें परिवार के लिए उठाया गया है उसे भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में पहचाना जाता है। वो परिवार है अंबानी। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अनिल अंबानी को हजारों करोड़ रुपए का कर्ज चुकाना है। जो वो मौजूदा समय में इस हालत में नहीं है। इस बात को प्रूफ करने में भारत के वकील लगे हुए हैं। वहीं चीनी बैंकों के वकीलों का कहना है कि जिस शख्स के बच्चों के पास दौलत हो, उनकी मां बहुत अमीर हो, जिसकी पत्नी के पास अकूत दौलत हो और जिसका भाई एशिया का सबसे दौलतमंद इनसान हो, क्या वो अनिल अंबानी की मदद नहीं करेंगे? भारतीय मूल्यों के हिसाब से यह सवाल काफी बड़ा था। निकला एक विदेशी वकील की जुबान से। आइए आपको भी ले चलते लंदन की उस कोर्ट में जहां यह सब जिरह चल रही थी...
चीनी बैंकों से लिया हजारों करोड़ का लोन
अनिल अंबानी ने अपनी कंपनी रिलायंस कंयूनिकेशन के लिए 925.20 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,475 करोड़ रुपए का लोन लिया था। अनिल अंबानी ने इस लोन को लेने के लिए पर्सनल गारंटी दी थी। उसके बाद जो होता है वो किसी से छिपा नहीं है। रिलायंस कंयूनिकेशन कंपनी पिट जाती है और फरवरी 2017 के बाद कंपनी लोन चुकाने में डिफॉल्ट हो जाती है। मौजूदा समय में अनिल अंबानी को बैंकों के 68 करोड़ डॉलर यानी 4,760 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाना है। जिसका मुकदमा लंदन की कोर्ट में चल रहा है। जहां अनिल अंबानी के वकील कोर्ट को समझाने का प्रयास कर रहे हें कि एक समय था जब अनिल अंबानी काफी अमीर थे, आज वो पूरी तरह से कंगाल हो चुके हैं। उनके पास रुपया चुकाने के लिए रुपए नहीं है। अनिल अंबानी के वकीलों का कहना है कि वो 70 करोड़ डॉलर अदा करने की स्थिति में नहीं हैं।
यह कैसा दिवालियापन
वहीं बैंकों के वकीलों ने अदालत को यह बताने की कोई कोशिश नहीं छोड़ी कि अलिन अंबानी के पास रुपयों की कोई कमी नहीं है। भारत में वो आज भी ठाठ से रहे हैं। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के पास 11 या उससे ज्यादा लग्जरी गाडिय़ां हैं। एक प्राइवेट जेट है साथ ही एक याट और दक्षिण मुंबई में एक विशिष्ट सीविंड पेंटहाउस है। उसके बाद जज डेविड वाक्समैन ने कहा कि अनिल अंबानी तो व्यक्तिगत रूप से दिवालिया होने की बात कर चुके हैं। इस बात को बार बार दोहरा रहे हैं। क्यों उन्होंने भारत में दिवालिया होने का आवेदन किया हुआ है। जिसका जवाब अनिल अंबानी की पैरवी कर रहे हरीश साल्वे ने ना में दिया। कोर्ट में भारत की इनसॉल्वेंसी व बैंकरप्सी कोड का भी जिक्र हुआ।
क्या परिवार मदद को नहीं आएगा सामने
वहीं विदेशी वकीलों ने कोर्ट को बताने की कोशिश की कि जब परिवार का कोई सदस्य मुश्किल में होता है तो उसे बचाने के लिए आगे आते हैं। दुनियाभर में ऐसे कई उदाहरण सामने है। तब अनिल अंबानी के वकीलों ने कहा कि अनिल अंबानी के पास अपनी मां कोकिला, पत्नी टीना अंबानी और बेटों अनमोल और अंशुल की संपत्तियों और शेयरों पर कोई अख्तियार नहीं है। जिसके बाद विदेशी वकीलों ने ऐसी बात की जिससे लंदन कोर्ट में भारत के संस्कार और भावना की महक आ गई। विदेशी वकीलों ने कहा कि क्या इस बात को गंभीरता से मान लिया जाए कि संकट के समय उनकी मां, पत्नी और पुत्र उनकी मदद नहीं करेंगे। वहीं विदेशी वकीलों ने कोर्ट में इस बात को भी बताया कि अनिल अंबानी के भाई मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर इंसान हैं, दुनिया के 13वें सबसे अमीर शख्स हैं। उनके पास कुल संपत्ति 55 से 57 अरब डॉलर के आसपास है।
आखिर अनिल अंबानी गरीब कैसे हुए
लंदन के कोर्ट में इस बात को भी बताया गया कि अनिल अंबानी की यह हालत कैसे हुई आखिर कभी दुनिया का छठा सबसे अमीर व्यक्ति कंगाल कैसे हो गया? उसके पास एक भी रुपया क्यों नहीं है? अनिल अंबानी के वकील रॉबर्ट होवे ने कोर्ट को उनके गरीब होने का कारण बताया कि अंबानी के निवेश की वैल्यू 2012 के बाद जीरो हो गई थी। भारत सरकार ने स्पेक्ट्रम देने की पॉलिसी में बदलाव किया और भारतीय टेलिकॉम सेक्टर बुरी तरह से लडख़ड़ाने लगा। अंबानी के निवेश के निवेश की जो कीमत 2012 में 7 अरब डॉलर से अधिक थी वो मौजूदा समय में 8.9 करोड़ डॉलर यानी 623 करोड़ रुपए रह गई है। अगर उनकी देनदारी पर बात करें तो उसकी कुल संपत्ति जीरो हो जाती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तक ग्रुप पर 13.2 अरब डॉलर करीब 93 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। रिलायंस कम्युनिकेशन्स को एरिक्शन को 550 करोड़ रुपए चुकाने के मामले में मुकेश अंबानी ने उनकी मदद की थी।
Updated on:
08 Feb 2020 10:42 am
Published on:
08 Feb 2020 10:41 am
बड़ी खबरें
View Allकॉर्पोरेट वर्ल्ड
कारोबार
ट्रेंडिंग
