आईएलएंडएफएस के घोटाले में ऑडिटर्स भी शामिल, टॉप मैनेजमेंट के साथ थी मिलीभगत

आईएलएंडएफएस के घोटाले में ऑडिटर्स भी शामिल, टॉप मैनेजमेंट के साथ थी मिलीभगत

Shivani Sharma | Publish: Jun, 10 2019 10:04:05 AM (IST) कॉर्पोरेट

  • इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएलएंडएफएस) के ऑडिटर भी धोखाधड़ी में शामिल हैं
  • ऑडिटर धोखाधड़ी के मामले में टॉप मैनेजमेंट के साथ मिले हुए थे
  • SFIO की रिपोर्ट में इस मामले का खुलासा हुआ

नई दिल्ली। लंबे समय से कर्ज के संकट में फंसी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज ( ILFS ) के ऑडिटर भी धोखाधड़ी में शामिल हैं। ऑडिटर धोखाधड़ी में न सिर्फ टॉप मैनेजमेंट के साथ मिले हुए थे, बल्कि उन्होंने अपनी कुछ सेवाओं को भी बेचने की कोशिश की थी। बता दें कि मामले की जांच चल रही है। SFIO के कार्यालय ने इस मामले का खुलासा किया है।


SFIO ने दी जानकारी

आपको बता दें कि एसएफआईओ ( SFIO ) इस समय करीब 400 कंपनियों पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही कंप्यूटर व लैपटॉप की भी जांच की जा रही है। इस जांच को जुटाने के बाद ही 30 मई को पहली चार्जशीट दायर की गई है। इसी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि समूह के ऑडिट का काम कर चुकी फर्म्स डेलॉय, हैसकिन्स एंड सेल्स को कर्जदाताओं के साथ की जा रही धोखाधड़ी की जानकारी थी।


ये भी पढ़ें: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बिगड़ने से बौखलाया इमरान, मार्च में 92 फीसदी घटा आयात


2017 के ईमेल से मिली जानकारी

जांच एजेंसियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जून 2017 के एक ईमेल से पता चला है कि ऑडिटर ने डेलॉय समूह की परामर्श इकाई डेलॉय टच तोहमास्तु इंडिया एलएलपी का एक उत्पाद बेचने की कोशिश भी की थी। कंपनी के पास सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होने के बाद भी कंपनी ने कोई खास कदम नहीं उठाए। इसके साथ ही समूह के पास निगरानी नीति होने के बाद भी इसकी निगरानी नहीं की गई। एसएफआईओ ने मामले की तह तक जाने के लिए आरबीआई से पूरी आंतरिक जांच कराने की मांग की है। जांच एजेंसी ने 30 निकायों को मामले में आरोपी बनाया है।


समूह के अधिकारियों ने धोखाधड़ी को किया नजरअंदाज

बता दें कि समूह में लंबे समय से धोखाधड़ी की खबरें सामने आ रही थी। साल 2017 में एक व्हिसलब्लोअर ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन समूह के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और इसको नजरअंदाज कर दिया। इसके साथ कंपनी के कई निदेशकों ने इस मामले को दबाने के लिए कई प्रयास किए। इसके साथ ही ऑडिट समिति ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया है।


ये भी पढ़ें: Today Petrol Diesel price: लगातार पांचवे दिन पेट्रोल हुआ 13 पैसे सस्ता, डीजल के दाम 11 पैसे प्रति लीटर कम


शक्तिकांत दास ने दी जानकारी

भारतीय रिजर्व बैंक ( आरबीआई ) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले सप्ताह मौद्रिक समीक्षा के दौरान आईएलऐंडएफएस मामले में एसएफआईओ की कोई जांच रिपोर्ट मिलने की बात से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें एसएफआईओ के आरोप-पत्र की जानकारी नहीं है। अगर कोई प्राधिकरण इस संबंध में हमें बताएगा तो हम इसे देखेंगे।’

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार,फाइनेंस,इंडस्‍ट्री,अर्थव्‍यवस्‍था,कॉर्पोरेट,म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned