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नीरव मोदी अौर माल्या को लाना इतना आसान नहीं, लेकिन इन अपराधियों को भारत लाने के लिए सरकार ने की बड़ी तैयारी

अब सरकार के अगले कदम से उन भगौड़ों की खैर नहीं जो करीब दो दशक से देश का पैसा लूट कर विदेश भागे हुए हैं।

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Mallya-Sanjeev-Nirav

नीरव मोदी अौर माल्या को लाना इतना आसान नहीं, क्रिकेट से लेकर सेक्स तक फैला है कुछ एेसा जाल

नर्इ दिल्ली। देश के बैंकों का हजारों करोड़ रुपए लेकर विदेशों में मौज काट रहे विजय माल्या आैर नीरव मोदी को तो भारत सरकार अब तक वापस लाने में कामयाब नहीं हो पार्इ है। लेकिन अब सरकार के अगले कदम से उन भगौड़ों की खैर नहीं जो करीब दो दशक से देश का पैसा लूट कर विदेश भागे हुए हैं। दरअसल, सरकार ने इन्हें अवैध अप्रवासियों के रूप में टैग करके भारत में प्रत्यर्पण करने की तैयारी में है। सोमवार को, ब्रिटेन के विदेश मंत्री राज्य मंत्री ने अवैध आप्रवासियों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बारे में भारत के गृह मंत्री(राज्य) किरण रिजिजू से बात की है।


क्या है सरकार की तैयारी

इसके बाद भारत भगौड़ों की अस्थार्इ गिरफ्तारी के लिए अपने प्रत्यर्पण संधि भागीदारों से अुनरोध कर सकेगा। ये संधि किसी दो देशों के बीच होता है जिससे की आपराधिक मामलों में भागे हुए लोगों का प्रत्यर्पण किया जा सके। इसके साथ ही भारत एेसे भगौड़ों के पता जानने के लिए इन देशो में रेड काॅर्नर नोटिस भी भेज सकता है। हालांकि इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय ने विजय माल्या के खिलाफ इंटरपोल के जरिए दो रेड काॅर्नर नोटिस जारी किया था लेकिन इसमें सफलता हासिल नहीं हो पार्इ। वहीं हीरो कारोबारी आैर पंजाब नेशनल बैंक को करीब 13 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले नीरव मोदी के खिलाफ भी इंटरपोल के जरिए नोटिस जारी किया जा चुका है।


इन आरोपियों को वापस लाने की तैयारी

विजय माल्या आैर नीरव मोदी के अलावा आैर भी आठ एेसे आरोपी हैं जिनपर मनी लाॅन्ड्रिंग का मामला दर्ज है आैर वो देश छोड़ कर भाग चुके हैं। इनमें साल 2004 में क्रिकेट सट्टा में आरोपी संजीव कुमार चावला, साजिश आैर मौत के आरोपी शेक सादिक, अातंकवादी गतिविधियों में शामिल हनीफ, साल 2009 में जालसाजी के मामले में आरोपी राज कुमार पटेल, 2011 में जालसाजी आैर फ्राॅड के मामले में आरोपी राजेश कपूर, 2012 में सेक्स क्राइम में आरोपी अतुल सिंह, आैर 2014 में एक आैर बैंक फ्राड के आरेापी जतिंदर कुमार अंगुराला आैर आशा रानी अंगुराला है।


मोदी सरकार में अब तक केवल पाचं आरोपियों का ही हुआ है प्रत्यर्पण

2014 से अब तक सरकार अब केवल पांच एेसे लोगों का ही प्रत्यर्पण कर सकी है। जिसमें गुजरात दंगे में आरोपी समीरभार्इ विनूभार्इ पेटल भी शामिल है। लेकिन 2012-13 के दौरान करीब 50 आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त अपराधियों को अमरीका, मिडल र्इस्ट , अफ्रिकी देश आैर एशियार्इ देशों से भारत प्रत्यर्पित किया जा चुका है।