
chanda kochhar
नई दिल्ली। वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपए का लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के प्रमुख वेणुगोपाल धूत के खिलाफ देशभर के एयरपोर्ट्स पर लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। जिसके बाद तीनों बिना किसी सूचना के देश से बाहर नहीं जा पाएंगे। वैसे सीबीआई या सिविल एविएशनल मंत्रालय की ओर से लुकआउट नोटिस देने की पुष्टि नहीं हो पाई है। इससे पहले सीबीआई चंदा के देवर राजीव के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है।
सीबीआई कर रही है प्रारंभिक जांच
सीबीआई ने पिछले दिनों इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जिसके बाद सीबीआई की ओर से यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या और ललित मोदी जैसे मामलों से सबक लेकर यह सर्कुलर जारी किया गया है। इससे पहले इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने गुरुवार को राजीव कोचर को मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था। सीबीआई ने राजीव कोचर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद वे विदेश जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। सीबीआई इस केस से संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रही है।
3,250 करोड़ रुपए का लोन मामला
वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत ने 2008 से 2011 के बीच चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को अपनी एक कंपनी महज कुछ लाख रुपए में बेच दी। इसके बाद अपनी एक कंपनी से करीब 3 करोड़ रुपए का लोन दिया। बाद में 2012 में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपए का लोन दिया और 2017 में इसमें से करीब 2800 करोड़ रुपए एनपीए घोषित कर दिया। जिसके बाद चंदा कोचर और उनके पति सवालों के घेरे में हैं। सीबीआई ने इस मामले में बैंक के कुछ अधिकारियों से पहले ही पूछताछ की है। साथ ही दीपक कोचर और चंदा कोचर से भी पूछताछ की जा चुकी है।
Published on:
07 Apr 2018 11:59 am
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